असम-अरुणाचल सीमा पर तनाव, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर की पत्थरबाजी
धेमाजी (असम), 13 अगस्त (हि.स.)। असम-अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में गुरुवार काे शिलापाथर-लीकाबली हाईवे पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना के बाद चल रही आर्थिक नाकेबंदी आज पत्थरबाजी में बदल गई, जिसमें दोनों तरफ़ से प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया।
असम के धेमाजी और अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग के कुछ हिस्सों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां सीमा पर हुई गोलीबारी की हालिया घटना ने मिसिंग और गालो समुदायों के लोगों के बीच तनाव बढ़ा दिया है।
गाैरतलब है कि, 10 अगस्त को धेमाजी के गेरुकामुख पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गोगामुख रेवेन्यू सर्कल में असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित मिंगमांग बस्ती में गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें लगभग 11 लोग घायल हो गए। बताया जाता है कि यह घटना अरुणाचल प्रदेश के लोगों द्वारा असम की ज़मीन पर कथित कब्ज़े को लेकर हुए विवाद के बाद हुई।
इस घटना के बाद, टाकम मिसिंग पोरिन केबांग (टीएमपीके) ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश की अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी शुरू कर दी, जिससे कई जगहों पर असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया।
शिलापाथर-लीकाबली रूट पर जारी नाकेबंदी ने इलाके में तनाव और बढ़ा दिया है। ताज़ा घटनाक्रम में, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थरबाज़ी की, जिसमें पुलिस और सीआरपीएफ समेत सुरक्षाकर्मी दोनों तरफ़ से फेंके गए पत्थरों की चपेट में आ गए।
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों और निवासियों से शांति और सद्भाव बनाए रखने और ऐसा कोई भी कदम न उठाने की अपील की है जिससे दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच तनाव और बढ़ सके।
टीएमपीके ने मिसिंग मिमाग केबांग (एमएमके) और टाकम मिसिंग महिला केबांग (टीएमएमके) के साथ मिलकर गोलीबारी के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों की गिरफ़्तारी और उन्हें असम पुलिस को सौंपने की मांग की है। इन संगठनों ने असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद के जल्द समाधान और असम के इलाके में कथित कब्ज़े को खत्म करने की भी मांग की है।
रिपोर्टों के अनुसार, नाकेबंदी के तहत अरुणाचल प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली गाड़ियों को कई एंट्री पॉइंट्स पर रोका गया है। असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच 804.1 किलोमीटर लंबी अंतर-राज्यीय सीमा है, और सीमा पर कई विवादित जगहें हैं। दोनों सरकारें क्षेत्रीय समितियों और नामसाई घोषणा के ज़रिए समाधान खोजने की कोशिश कर रही हैं।
हालात के संवेदनशील बने रहने के कारण, अधिकारी प्रभावित इलाकों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े और अंतर-राज्यीय सीमा पर शांति बनी रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

