हेलीकॉप्टर के सामने गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने पर कैप्टन से सेना ने मांगी सफाई

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हेलीकॉप्टर के सामने गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने पर कैप्टन से सेना ने मांगी सफाई

- पासिंग आउट परेड के बाद इस कृत्य को सेना ने सैन्य प्रोटोकॉल व नियमों का उल्लंघन माना

नई दिल्ली, 04 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के नासिक में पासिंग आउट परेड के बाद सेना की वर्दी में हेलीकॉप्टर के सामने अपनी गर्लफ्रेंड के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखने वाले कैप्टन भारत भारद्वाज पर सेना ने नाराजगी जताई है। सैन्य हेलीकॉप्टर के ठीक सामने घुटनों के बल बैठकर आरुषि को सगाई की अंगूठी पहनाने को सेना ने सैन्य प्रोटोकॉल एवं नियमों का उल्लंघन माना है। सख्त रुख अपनाते हुए सेना ने इस युवा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।

नासिक के कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल से कैप्टन भारत भारद्वाज ने अपनी फ्लाइट ट्रेनिंग पूरी की और आधिकारिक तौर पर आर्मी एविएशन पायलट के रूप में ग्रेजुएट हुए। पासिंग आउट परेड के दौरान 02 जून को सेना की वर्दी पहने इस युवा अधिकारी ने वहां खड़े एक सैन्य हेलीकॉप्टर के ठीक सामने घुटनों के बल बैठकर आरुषि को सगाई की अंगूठी पहनाई। इस बेहद भावुक पल का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, तो लोगों ने सैन्य उपलब्धि और व्यक्तिगत जीवन के इस खूबसूरत मिलाप की जमकर तारीफ की। वीडियो में आरुषि इस प्रपोजल को स्वीकार करती नजर आ रही हैं और आसपास मौजूद लोग तालियां बजाकर दोनों का उत्साह बढ़ा रहे हैं।

रक्षा सूत्रों के अनुसार सेना ने सैन्य वर्दी और सैन्य हेलीकॉप्टर के इस इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है, क्योंकि इस तरह सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत प्रदर्शन करना उचित नहीं है। भारतीय सेना ने इस वायरल वीडियो को बेहद गंभीरता से लेते हुए नए-नवेले कैप्टन से जवाब देने को कहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस आचरण से सैन्य परिसर के उपयोग और सैन्य संपत्तियों के प्रदर्शन से जुड़े सेना के कुछ तय नियमों और प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है। अधिकारियों को युवा अधिकारी की व्यक्तिगत खुशी से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन खुशी का इजहार करने के लिए जिस जगह का चुनाव किया गया, उस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

कैप्टन भारत भारद्वाज ने बाद में अपनी मंगेतर के साथ एक सैन्य हेलीकॉप्टर पर बैठकर फोटो भी खिंचवाई, जिसको लेकर सेना विशेष रूप से इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि आधिकारिक समारोहों या सैन्य उपकरणों का उपयोग ऐसे कंटेंट के लिए न किया जाए, जो बाद में सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो। वर्दी बहुत सम्मान का प्रतीक होती है और इसकी गरिमा बनाए रखना हर अधिकारी व जवान का कर्तव्य है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम

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