पेपर लीक पर न हो राजनीति, संसद में चर्चा करने के लिए सरकार तैयार: भाजपा
नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। पेपर लीक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह विषय देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाने के बजाय संसद में गंभीरता से चर्चा का विषय बनाया जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और चाहती है कि सदन में इसकी हर बारीकी पर विचार हो, ताकि छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। पार्टी के अनुसार, देश के बच्चे ही भारत का भविष्य हैं और उनकी मेहनत तथा सपनों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण सरकार इस विषय पर गंभीर है और हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने अपने आरोपों में केवल कुछ राज्यों का जिक्र क्यों किया, जबकि कांग्रेस और इंडी गठबंधन शासित राज्यों में भी कई बार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि छात्रों के हित की बात की जा रही है, तो फिर सभी राज्यों की घटनाओं पर समान रूप से चर्चा क्यों नहीं हो रही है।
नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का रवैया चयनात्मक है और उनका उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेना है। पार्टी ने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है, तो उसे सभी राज्यों में हुई घटनाओं पर समान दृष्टि रखनी चाहिए।
भाजपा ने उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में झारखंड एकेडमिक काउंसिल की हिंदी और विज्ञान परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है।
इसी तरह तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा तथा एसएससी भाषा परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आए। भाजपा ने कहा कि वहां कांग्रेस की सरकार है, जिसे सीपीआई का समर्थन प्राप्त है। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया, जहां तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक की घटना हुई, जबकि केरल में लोक सेवा आयोग (पीएससी) की 26 परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया।
नड्डा ने कहा कि ये केवल कुछ उदाहरण हैं और देश के विभिन्न राज्यों में ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। इसलिए किसी एक सरकार या एक राजनीतिक दल को निशाना बनाने के बजाय पूरे देश में परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर चर्चा होनी चाहिए।
भाजपा ने कहा कि छात्रों की मांगों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। यह एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है, जिस पर संसद में गहन और सार्थक चर्चा की आवश्यकता है। पार्टी ने कहा कि वह इस विषय पर सभी तथ्यों के साथ चर्चा करने और समाधान निकालने के लिए तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने शाम चार बजे अपने प्रस्तुतीकरण में लगभग 150 पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया। पार्टी के अनुसार, इन सभी दावों की जांच की जाएगी और सरकार हर तथ्य तथा हर सवाल का जवाब जनता के सामने रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा ने दोहराया कि इस विषय पर राजनीति के बजाय तथ्यों और समाधान पर आधारित चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश के छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

