छात्रों के प्रदर्शन पर अन्ना हजारे ने केंद्र से संवाद की अपील की

WhatsApp Channel Join Now
छात्रों के प्रदर्शन पर अन्ना हजारे ने केंद्र से संवाद की अपील की


अहिल्यानगर, 23 जुलाई (हि.स.)। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर केंद्र सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने के बजाय उससे बातचीत की जानी चाहिए और जवाबदेही तय करना ही सुशासन की पहचान है।

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में गुरुवार को अन्ना हजारे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक दो घंटे का मौन आंदोलन किया। इसके बाद वे अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए। इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में हजारे ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और कथित पुलिस कार्रवाई को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में टकराव नहीं, बल्कि संवाद सबसे प्रभावी समाधान है।

हजारे ने अपने पत्र में लिखा कि यदि किसी मंत्री की जवाबदेही तय कर इस्तीफा लिया जाता है, तो इससे सरकार कमजोर नहीं होती बल्कि यह पूरे मंत्रिमंडल को जिम्मेदारी का स्पष्ट संदेश देता है और शासन व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनती है।

अन्ना हजारे ने कहा कि देश के लाखों युवा पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी जैसी समस्याओं से परेशान हैं। इन मुद्दों को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय जनता की वास्तविक चिंता के रूप में देखा जाना चाहिए। बतौर अन्ना हजारे किसी भी गड़बड़ी या घोटाले के सामने आने पर अक्सर जिम्मेदारी निचले स्तर के अधिकारियों पर डाल दी जाती है, जबकि वास्तविक जवाबदेही उच्च पदों पर बैठे लोगों की होनी चाहिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी

Share this story