देश को नशा-मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च से तीन साल तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा : अमित शाह
नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को घोषणा की कि 31 मार्च से अगले तीन वर्षों तक पूरे देश में नशे के विरुद्ध एक सामूहिक और सघन अभियान चलाया जाएगा, जिससे भारत को तेजी से नशा-मुक्त बनाया जा सके।
अमित शाह ने यहां नार्को-समन्वय केंद्र (एनकॉर्ड) की 9वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने अमृतसर में मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया। बैठक का आयोजन मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो ने किया, जिसमें केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों तथा मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में नशे के खिलाफ लड़ाई में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
गृह मंत्री ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह नार्को-आतंकवाद से संबंधित गंभीर चुनौती है और देश की आने वाली पीढ़ियों को नष्ट करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि युवाओं का स्वास्थ्य, उनकी सोचने-समझने और कार्य करने की क्षमता तथा समाज में बढ़ता असंतोष सीधे तौर पर इस समस्या से जुड़ा हुआ है।
अमित शाह ने सभी केंद्रीय विभागों और राज्य सरकारों से वर्ष 2029 तक का स्पष्ट कार्य-योजना तैयार करने और उसके लिए समयबद्ध निगरानी व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए कठोर कार्रवाई, मांग में कमी के लिए रणनीतिक कदम और नशे के शिकार लोगों के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नशा बनाने और बेचने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी, जबकि नशे की लत में फंसे लोगों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण सरकार की स्पष्ट नीति है। उन्होंने कमान, अनुपालन और जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि बैठकों की संख्या नहीं, बल्कि उनके परिणाम और प्रभाव का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ तस्करी के सरगनाओं, वित्तपोषकों और आपूर्ति मार्गों के खिलाफ सख्त कार्रवाई समीक्षा का प्रमुख बिंदु होना चाहिए। साथ ही, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के अधिक उपयोग, समय पर आरोप-पत्र दाखिल करने और दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2004 से 2013 के बीच जहां 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य के 26 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए थे, वहीं 2014 से 2025 के बीच 1 लाख 71 हजार करोड़ रुपये मूल्य के 1 करोड़ 11 लाख किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में भी उत्साहजनक सफलता मिली है और नष्ट किए गए मादक पदार्थों की मात्रा में 11 गुना वृद्धि हुई है।
गृह मंत्री ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से मिशन मोड में स्थायी विशेष टीमें गठित करने, खुफिया जानकारी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बेहतर समन्वय से काम करने तथा जब्त नशीले पदार्थों के शीघ्र नष्टिकरण के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए युवाओं को नशे से पूरी तरह सुरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। अमित शाह ने विश्वास जताया कि निरंतर जागरूकता, सख्त कार्रवाई और समन्वित प्रयासों से देश नशे के खिलाफ इस लड़ाई को अवश्य लड़ेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

