राज्यसभा नामांकन विवाद : अमित मालवीय ने तृणमूल और ममता बनर्जी पर साधा निशाना

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राज्यसभा नामांकन विवाद : अमित मालवीय ने तृणमूल और ममता बनर्जी पर साधा निशाना


कोलकाता, 28 फ़रवरी (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के प्रमुख एवं केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने शनिवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसमें पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मालवीय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेनका गुरुस्वामी को उस भूमिका के “इनाम” के तौर पर राज्यसभा का टिकट दिया है, जो उन्होंने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले में तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल के पक्ष में निभाई थी।

मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी ने एक गैर-बंगाली को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है, और इसका राजनीतिक संदेश बेहद स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े इस जघन्य अपराध ने पूरे बंगाल की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था। उस समय जांच की प्रक्रिया, पीड़िता की पहचान उजागर होने और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

भाजपा नेता ने कहा कि इस मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल समुदाय के एक बड़े हिस्से ने पारदर्शिता और न्याय की मांग की थी, लेकिन इस नामांकन से जनता को गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यह फैसला भरोसा जगाने वाला नहीं, बल्कि उकसाने वाला प्रतीत होता है।

आर.जी. कर मामले का जिक्र करते हुए मालवीय ने पीड़िता के परिवार के दर्द की बात भी उठाई। उन्होंने कहा कि पूरे बंगाल को उस मध्यमवर्गीय परिवार के नुकसान पर ठहरकर सोचने की जरूरत है, जिसने अपनी सारी जमा-पूंजी इकलौती बेटी की पढ़ाई पर खर्च की थी और फिर इतनी क्रूर तरीके से उसकी जिंदगी छिन गई।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार रात पश्चिम बंगाल की खाली राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी, जिसमें कई चौंकाने वाले नाम शामिल थे। चार उम्मीदवारों की सूची में मेनका गुरुस्वामी का नाम भी है। वे इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय द्वारा इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और इसके संस्थापक निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी से जुड़े कानूनी विवाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से भी पैरवी कर चुकी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

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