खराब मौसम के कारण अमरनाथ व वैष्णो देवी यात्रा तीसरे दिन भी शुरू नहीं हो सकी, लापता 6 लोगों की तलाश  जारी

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जम्मू, 21 जुलाई (हि.स.)। खराब मौसम, भारी बारिश व भू-स्खलन की चेतावनी को देखते हुए आज तीसरे दिन भी श्री अमरनाथ यात्रा व श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा को रोकना पड़ा है। रियासी जिले में शिवखोड़ी व किश्तवाड़ में मचैल माता यात्रा को रोकना पड़ा है।

राजौरी पुंछ में बाढ़ व भूस्खलन के चलते लापता 6 लोगों की तलाश मंगलवार को भी जारी है। सोमवार को जम्मू संभाग में ताजा भूस्खलन व पत्थर गिरने से दस लोगों की मौत हो गई।

पुंछ के लोरान में घर ढह जाने से 7 लोगों की मौत हुई जबकि डोडा में बस पर एक बड़ा पत्थर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए जबकि किश्तवाड़ में एक महिला की पत्थर के चपेट में आने से मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले दो दिनों में जम्मू संभाग में बाढ़ व भू-स्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।

पूंछ जिले के मंडी इलाके में लोरान के पास डुमेल गांव के ऊंचे इलाकों में भूस्खलन के बाद एक कच्चा घर गिर गया। मारे गये सात सदस्यों में दो बच्चे भी शामिल थे जो अपने मवेशियों के साथ नंदीशुल झरने के पास ऊंचे इलाकों में स्थित अपने घर में रह रहे थे। यह लोग मूल रूप से गांव अरिगाम के हैं।

इलाके में बारिश हो रही है और देर शाम बचाव अभियान रोक दिया गया था, इसलिए मृतकों का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। मृतकों की पहचान रफीक (4 साल) पुत्र मोहम्मद रफीक, अरेज़ा रफीक (2) पुत्री मोहम्म रफीक, तनवीर अहमद (22) पुत्र गुलाम मोहम्मद, जाहिदा परवीन (26) पत्नी मोहम्मद रफीक, शमीम बानो (27) पत्नी मोहम्मद रियाज़, मोहम्मद इरफान (20) पुत्र अब्दुल सुभान और शबनम अख्तर (32) पत्नी मोहम्मद माजिद के रूप में हुई है। डोडा में मृतकों की पहचान मनीष कुमार (33) पुत्र सुरेंद्र कुमार भद्रवाह का निवासी और कुलवंत सिंह (29) पुत्र बुद्धि सिंह बिजारनी, बागवाह का निवासी के रूप में की गई है।

इस बीच जम्मू कश्मीर और लद्दाख के आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग ने एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें निवासियों, यात्रियों, पर्यटकों और सभी संबंधित लोगों से अपील की गई है कि वे भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा इस क्षेत्र में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सतर्क रहें।

एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि मौसम की संभावित स्थितियों के कारण अचानक बाढ़, भूस्खलन और ज़रूरी सेवाओं में रुकावट आ सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नालों, नदी के किनारों, बाढ़ की आशंका वाले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाली ढलानों से दूर रहें। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे उफान पर बह रही धाराओं, क्षतिग्रस्त सड़कों या कमजोर पुलों को पार न करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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