प्रधानमंत्री मोदी नहीं होते तो आज भी तीन तलाक खत्म न हो पाता: आरिफ मोहम्मद खान

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प्रधानमंत्री मोदी नहीं होते तो आज भी तीन तलाक खत्म न हो पाता: आरिफ मोहम्मद खान


- वरिष्ठ पत्रकार, (पद्मश्री) आलोक मेहता की कॉफी टेबल बुक रिवोल्यूशनरी राज का विमोचन

नई दिल्ली, 21 फ़रवरी (हि.स.)। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं होते तो आज भी तीन तलाक खत्म न हो पाता। प्रधानमंत्री ने तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम बहनों के लिए बड़ा काम किया है। वे शनिवार को वरिष्ठ संपादक आलोक मेहता द्वारा लिखित शुभी पब्लिकेशंस की कॉफी टेबल बुक रेवोल्यूशनरी राज - नरेन्द्र मोदी के 25 साल के विमाचन पर अपने विचार रख रहे थे।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि गोधरा कांड के समय वे खुद भी मोदी के आलोचक रहे हैं, लेकिन जब चार महीने खुद गुजरात जाकर लोगों से मिले तो उनके खुद के विचार प्रधानमंत्री मोदी के प्रति बदल गये।

आरिफ मोहम्मद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सामाजिक, सांस्कृतिक बदलाव कर उसे रिफॉर्म की पटरी पर लाने का काम किया। नई पीढ़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जगाया है कि 2047 तक भारत को विकसित भारत बना सकते हैं। कार्यसंस्कृति में भी बदलाव किया है। प्रधानमंत्री मोदी खुद भी ओवर टाइम करते हैं, दूसरों को भी ओवर टाइम काम करने की प्रेरणा देते है। प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी को आत्मविश्वास दिया है कि वे अपने पुरुषार्थ से दुनिया बदल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश ही नहीं, कई देशों के डेमोक्रेसी की मदर भी है। सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास का मंत्र देकर सभी को बराबरी का एहसास कराया। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिस तरह से जवाब दिया आतंकी ठिकानों को खत्म किया पाकिस्तान में घुसकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया यह उनकी ताकत और क्षमता को भी दिखाता है। अहिंसा का मतलब शक्ति का उपयोग नहीं करना नहीं है। अहिंसा का अर्थ रक्षा भी है, आतंकवाद के खिलाफ सरेंडर करना अहिंसा नहीं है, बल्कि आतंक के खिलाफ लड़ना भी अहिंसा है।

इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि सालों पहले किसी संत ने सपना देखा था कि भारत कभी स्वच्छ होगा। जब 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने उन्होंने लालकीले के प्राचीर से स्वच्छ भारत को लेकर बड़ा आह्वान किया, देश में स्वच्छता को मिशन बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी भारत को फ्रेजाइल इकोनॉमी से बाहर निकाल कर भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक शक्ति बनाने की ओर ले जा रहे हैं।

50 करोड़ से ज्यादा लोगों के जन धन खाते, 90 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा की योजना से जुड़े हैं। कृत्रिम बुद्धिमता में भारत को विश्व का नेता बनाना लक्ष्य है।

इस मौके पर राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश ने लेखक आलोक मेहता का अभिनंदन करते हुए कहा कि कॉफी टेबल बुक में प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यो का लेखाजोखा है। खासबात यह है कि यह किताब प्रधानमंत्री मोदी की माता और उन्होंने अपने माता-पिता को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कार्य संस्कृति में बदलाव हुआ है। 2014 में स्टार्ट की संख्या सिर्फ चार थी अब बढ़कर 104 हो गए है। साफ है स्टार्टअप या उद्यमी वर्ग जन्म ले रहा है। इसका सीधा बदलाव मध्यमवर्ग में देखने को मिल रहा है। क्योंकि ज्यादातर स्टार्ट अप इसी वर्ग से है। इसका असर अगले दस सालों में दिखाई देने लगेगा। उन्होंने कहा कि साल 2014 में जहां टैक्स पेयर 5 करोड़ के आसपास थी, जो बढ़कर 12 करोड़ से भी ज्यादा हो गई है। प्रगति पोर्टल पर 83 योजनाओं की प्रगति पर गहन नजर रखी जा रही है।

इस अवसर पर 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे

एनके सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत फ़्रेजाइल 5 से बाहर निकल कर 7.4 प्रतिशत की विकास दर को बरकरार रखे हुए है। देश की महंगाई दर को काबू में रखा है और बजट घाटा भी सीमित रखा है, यह बड़ी उपलब्धि है। दुनिया की सभी आर्थिक संस्थाएं भारत को आशा भरी निगाहों से देख रही है। भारत विकसित भारत का सपना भारत देख रहा है। उन्होंने कहा कि देश में एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर गंभीरता से विचार चल रहा है यह अच्छा है। जिस देश में हर समय चुनाव चलता रहता है वहां विकास कैसे होगा। इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री के जे एल्फोंज के साथ कई पत्रकार मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि शुभी पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह कॉफी टेबल बुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, उनके परिवर्तनकारी शासन, प्रशासनिक नवाचारों तथा प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा को समाहित किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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