गायत्री परिवार प्रधानमंत्री के “व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत” के विजन को साकार कर रहा : डॉ. वीरेंद्र कुमार

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गायत्री परिवार प्रधानमंत्री के “व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत” के विजन को साकार कर रहा : डॉ. वीरेंद्र कुमार


नई दिल्ली, 02 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सोमवार को कहा कि गायत्री परिवार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत” के विजन को साकार कर रहा है।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के भव्य शताब्दी समारोह में 'नशा मुक्त भारत' पर यह बात कही। यह समारोह मुख्य रूप से तीन ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पड़ावों को समर्पित रहा। इनमें माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जयंती, प्रज्वलित 'अखंड दीपक' के 100 वर्ष पूर्ण होना, आचार्य पं श्रीराम शर्मा आचार्य की तपस्या और साधना के 100 वर्ष शामिल हैं। इस महाकुंभ में देश-विदेश से गायत्री परिवार के हजारों प्रतिनिधि, पदाधिकारी और श्रद्धालु एकत्रित हुए, जिन्होंने संस्थापकों के आध्यात्मिक समर्पण और युग निर्माण के विजन को याद किया।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा, समुदाय के साथ मिलकर युवाओं को एक स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना संगठन की एक बड़ी उपलब्धि है। उनके मंत्रालय के 'नशा मुक्त भारत अभियान' को गायत्री परिवार ने जन-जन तक पहुंचाया है। आध्यात्मिक जागरूकता, शिक्षा और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति चलाए गए इनके अभियानों ने ड्रग्स के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन को नई ताकत दी है।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि साल 2020 में प्रधानमंत्री की देशव्यापी अपील के बाद से अब तक करोड़ों लोग नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ चुके हैं। उन्होंने माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उपस्थित जनसमूह द्वारा व्यसनमुक्ति के लिए लिए गए सामूहिक संकल्प को इस दिशा में एक मील का पत्थर बताया।

मंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या और उनकी समर्पित टीम की जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की शिक्षाओं से प्रेरित होकर यह संगठन 'वसुधैव कुटुम्बकम' (विश्व एक परिवार है) के सिद्धांत को सही मायनों में चरितार्थ कर रहा है।

मंत्रालय की ओर से यह दोहराया गया कि 'नशा मुक्त भारत' का लक्ष्य हासिल करने के लिए आध्यात्मिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, नागरिक समाजों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। गायत्री परिवार का यह शताब्दी समारोह जन कल्याण, सामाजिक जिम्मेदारी और नशा रोकथाम के सामूहिक संकल्प को नई ऊर्जा देने का एक सशक्त मंच साबित हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Livevns.news Desk
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