अगले चार साल में केन्द्र सरकार देश के मेडिकल कॉलेजों में दस हजार और सीटें करेगी सृजितः जेपी नड्डा
नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आने वाले चार साल में केन्द्र सरकार देश के मेडिकल कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की 10,000 और सीटें सृजित करेगी। भारत मंडपम में मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 51वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि एम्स नई दिल्ली वर्तमान में 900 से अधिक बाह्य अनुसंधान परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनके लिए वित्त पोषण उपलब्ध कराया गया है। उन्हें देशभर में उभरते एम्स संस्थानों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है।
एम्स से स्नातक होने वाले छात्रों को बधाई देते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “यह दीक्षांत समारोह केवल एक समापन समारोह नहीं है बल्कि यह सात दशकों की निस्वार्थ सेवा को डिजिटल युग से संचालित भविष्य से जोड़ने वाला एक सेतु है। एम्स नई दिल्ली हमेशा से एक शैक्षणिक केंद्र या अस्पताल से कहीं अधिक रहा है– यह अपने आप में एक ब्रांड है।” उन्होंने कहा कि एम्स में 300 करोड़ रुपये की धनराशि से 900 से अधिक बाह्य अनुसंधान परियोजनाएं चला रहा है। इसके अतिरिक्त, 150 से अधिक आंतरिक अनुसंधान कार्य भी चल रहे हैं।” उन्होंने बताया कि नवीनतम क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग में, एम्स नई दिल्ली ने दो साल पहले 145वें स्थान से छलांग लगाकर चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर 105वां स्थान हासिल किया है – जिससे भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थान के रूप में इसका स्थान मजबूत हुआ है और यह वैश्विक शीर्ष 100 में शामिल होने के बेहद करीब पहुंच गया है। उन्होंने कहा, “ये हालिया उपलब्धियां मात्र तकनीकी मील के पत्थर नहीं हैं – ये राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य की पूर्ति हैं।”
पिछले 11 वर्षों में भारत के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए नड्डा ने कहा, “केवल एम्स में बुनियादी ढांचे के सुधार और नए निर्माण पर ही 2,800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।” उन्होंने बताया कि देश भर में एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है। इसी तरह, 2014 में 387 मेडिकल कॉलेजों की तुलना में आज हमारे पास लगभग 825 मेडिकल कॉलेज हैं।”
दीक्षांत समारोह के दौरान, एम्स ने चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में असाधारण योगदान के लिए पांच प्रतिष्ठित पूर्व संकाय सदस्यों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किए। इनमें डॉ (प्रो.) टी. पी. सिंह, पूर्व डीन (परीक्षा), डॉ. शशि वधवा, पूर्व डीन (अकादमिक) और प्रख्यात न्यूरोबायोलॉजिस्ट, डॉ. एस. सी. तिवारी, भारत में नेफ्रोलॉजी और गुर्दा देखभाल नवाचारों के क्षेत्र में अग्रणी, डॉ (प्रो.) आर. सी. डेका, प्रतिष्ठित ईएनटी सर्जन और एम्स के पूर्व निदेशक, डॉ. वी. एस. मेहता शामिल हैं।
स्नातक, स्नातकोत्तर, सुपरस्पेशलिटी, डॉक्टरेट, नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान कार्यक्रमों में कुल 523 डिग्रियां प्रदान की गईं। संस्थान ने एमबीबीएस, नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान कार्यक्रमों के मेधावी छात्रों को 18 पदक, पुस्तक पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए, जो विभिन्न विषयों और कार्यक्रमों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को मान्यता देते हैं।
इस कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली के निदेशक प्रो. निखिल टंडन, एम्स नई दिल्ली की डीन प्रो. राधिका टंडन और एम्स नई दिल्ली के रजिस्ट्रार प्रो. गिरिजा प्रसाद रथ के साथ-साथ संकाय सदस्य और छात्र भी उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

