एआईबीए ने राहुल गांधी के न्यायपालिका की छवि धूमिल करने के प्रयास की निंदा की
नई दिल्ली, 06 जून (हि.स.)। ऑल इंडिया बार एसोसिएशन (एआईबीए) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि “वरिष्ठ न्यायपालिका के सदस्य भी विद्रोह कर रहे हैं और सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं।”
इन टिप्पणियों को लापरवाह, गैर-जिम्मेदाराना तथा देश की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में से एक की गरिमा को क्षति पहुंचाने वाला बताते हुए एआईबीए के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. आदिश सी. अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के आरोप भारतीय न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय विधिक समुदाय के समक्ष भी प्रभावित करते हैं।
डॉ. अग्रवाल ने कहा, “भारतीय न्यायपालिका संविधान के अंतर्गत एक विशिष्ट एवं पवित्र स्थान रखती है तथा विधि के शासन, मौलिक अधिकारों और संवैधानिक शासन व्यवस्था की संरक्षक है। यह कहना कि वरिष्ठ न्यायपालिका के सदस्य गुप्त रूप से राजनीतिक नेताओं के साथ संवाद कर रहे हैं या किसी संस्थागत विद्रोह में शामिल हैं, न्याय प्रशासन में जनता के विश्वास की नींव को कमजोर करता है।”
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व उपाध्यक्ष रहे डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने अपनी स्वतंत्रता, निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण विश्वभर में सम्मान अर्जित किया है।
उन्होंने चिंता व्यक्त की कि राहुल गांधी के बयान से यह संदेश जाता है कि न्यायाधीश राजनीतिक गतिविधियों में संलग्न हैं या न्यायिक निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता के अपने संवैधानिक दायित्वों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। बिना किसी व्यक्ति का नाम लिए और बिना कोई साक्ष्य प्रस्तुत किए लगाए गए ऐसे व्यापक आरोप पूरी न्यायपालिका को संदेह के घेरे में खड़ा करते हैं।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यदि राहुल गांधी के पास वरिष्ठ न्यायपालिका के किसी सदस्य के संबंध में विश्वसनीय जानकारी है, तो उनका कर्तव्य है कि वे संबंधित नामों और समर्थनकारी सामग्री का खुलासा करें। यदि वे अपने आरोपों को प्रमाणित करने में असमर्थ हैं, तो उन्हें अपना बयान वापस लेना चाहिए और भारतीय न्यायपालिका में जनता के विश्वास को कमजोर करने वाली टिप्पणियाँ करने पर खेद व्यक्त करना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

