भविष्य में वह देश शक्तिशाली होंगे, जिनके पास एआई मॉडल और साइबर कुशल युवा होंगे : जितिन प्रसाद

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भविष्य में वह देश शक्तिशाली होंगे, जिनके पास एआई मॉडल और साइबर कुशल युवा होंगे : जितिन प्रसाद


आगरा, 08 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शनिवार को आगरा में एआई फ्यूचर रेडी कांक्लेव-2026 में लाेगाें काे सम्बाेधित करते हुए कहा कि भविष्य में वह देश शक्तिशाली नहीं होंगे, जिनके पास हथियार होंगे। बल्कि वह देश शक्तिशाली होंगे, जिनके पास एआई माॅडल और साइबर कुशल युवा होंगे।

चैट जीपीटी की जगह भारतीय निर्मित एआई प्लेटफार्म का करें इस्तेमाल

आगरा में होटल जेपी पैलेस के कांफ्रेंस हॉल में 7 और 8 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय ए.आई फ्यूचर रेडी कांक्लेव के दूसरे दिन कार्यक्रम में भाग लेते इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना एवं प्रौद्योगिकी कैबिनेट राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व एवं भविष्य पर प्रकाश डाला, उन्होंने लोगों से अपील की कि ए. आई जरूरतों के लिए वह चैट जीपीटी के बजाय भारतीय सत्यम जैसे अन्य माध्यम का उपयोग करें,जिससे देश का डाटा सुरक्षित और देश में ही रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सीमाओं के अंदर बाँधने से इसकी वास्तविक उपयोगिता खत्म हो जाती है। इसे ग्रामीण से लेकर शहरी सभी क्षेत्रों तक सभी हाथों तक पहुंच जाने की आवश्यकता है। सरकार युवाओं को ये सुविधा सस्ती दर पर उपलब्ध कराएगी।

जितिन प्रसाद ने कहा कि उप्र योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज देश का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। आज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दुनियाभर के बाजार व्यापारियों के लिए खुले हैं,उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों के पास भारत की तरह कुशल युवा, जनसंख्या और बाजार नहीं है। आज इस बात की जरूरत है कि विदेशी कम्पनियां भारत को केवल बाजार के रूप में ना देखे बल्कि यहां साझीदार बनें।

केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अपील की कि चैट जीपीटी की जगह भारतीय साफ्टवेयर और माडल अपनाएं। इससे पहले केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि काॅन्क्लेव में जो जेन जी पीढ़ी हमें मिली है वह तारीफ के काबिल है, एक जेन जी पीढ़ी युवाओं का आदर्श होना चाहिए।

एआई के साथ चलना वक्त की जरूरत

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वक्त की जरूरत है।अगर हमने इसका सावधानी और समय की रफ्तार के साथ प्रयोग नहीं किया तो हम पिछड़ जाएंगे। अब आने वाला समय तो सुपर एआई का है, इसलिए हमें ए ,आई की रफ्तार के साथ चलना आवश्यक है।

एआई विकल्प नहीं, जरूरत है

फुटवियर एवं चर्म उत्पाद निर्यात परिषद के चेयरमैन पूरन डाबर ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकल्प नहीं रह गया है बल्कि, जरूरत बन चुका है। इससे फड पर बैठा दुकानदार भी ग्लोबल स्तर पर अपना सामान बेच सकता है। मारीच की माया की तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नया नहीं है। यह शुरुआत से ही था। मानव का विकल्प नहीं परन्तु ये उसकी कुशलता और परिणामी क्षमता को बढ़ाने वाला है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विवेक उपाध्याय

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