असम सरकार के मंत्री बने अतुल बोरा का राजनीतिक सफरनामा

WhatsApp Channel Join Now
असम सरकार के मंत्री बने अतुल बोरा का राजनीतिक सफरनामा


गुवाहाटी, 12 मई, (हि.स.)। असम गण परिषद (अगप) के अध्यक्ष अतुल बोरा ने मंगलवार को गुवाहाटी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में लगातार तीसरी बार मंत्री पद की शपथ ली। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

अतुल बोरा असम की क्षेत्रीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वह वर्ष 2016 से बोकाखात विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले वह 1996 से 2001 तक गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। उन्होंने राज्य सरकार में कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, शहरी विकास तथा नगर एवं ग्राम नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है।

बोरा का जन्म गोलाघाट ज़िले के बोराही गांव में 7 अप्रैल, 1960 में सुतिया समुदाय के एक परिवार में हुआ था। वे मेहुराम बोरा और पुण्य प्रभा बोरा के सबसे बड़े बेटे हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा सराईमोरिया एलपी स्कूल और तोरफ़त एमई स्कूल से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने कचारीहाट हाई स्कूल में दाखिला लिया, जहां उन्होंने एचएसएलसी परीक्षा उत्तीर्ण की। तत्पश्चात, उन्होंने गोलाघाट के देबराज रॉय कॉलेज में प्रवेश लिया और स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद गौहाटी विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने गौहाटी विश्वविद्यालय लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की।

गोलाघाट जिले में जन्मे अतुल बोरा छात्र जीवन से ही असम आंदोलन से जुड़े रहे। उन्होंने अखिल असम छात्र संघ (आसू) में महासचिव और अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वर्ष 1995 में उन्होंने असम गण परिषद के साथ सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। बाद में वह पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बने और वर्ष 2014 में अगप के अध्यक्ष का दायित्व संभाला। वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में बोकाखात सीट से जीत के बाद उन्हें पहली बार राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। तब से लगातार मंत्री हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

Share this story