देश के 52 हजार गाँवों में होगा आदिवासी विकास
नई दिल्ली, 20 फरवरी (हिं.स.)। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम (एबीवीकेए) ने देशभर में आदिवासी सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पैन-इंडिया समझौते पर (एमओयू) हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत 52 हजार गांवों में व्यवस्थित और प्रभावशाली विकास कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। इस राष्ट्रीय पहल से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास, सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक संरक्षण को नया संबल मिलेगा।
इस ऐतिहासिक एमओयू समारोह में वनवासी कल्याण आश्रम के महासचिव योगेश श्रीधर बापट, अंडर ट्रायल वेलफेअर असोसिएशन (यूटीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष दिगंत शर्मा, सौभाग्य योग साधना फाउंडेशन (एसवाईएसएफ) के प्रत्यूष शर्मा, भारत टैक्सप्लेयर प्लेटफार्म फाउंडेशन के सीए रवींद्र तुराखिया और टोरस सोशल फाउंडेशन (टीएसएफ) के विश्वास जाधव उपस्थित थे।
इस अवसर पर मौजुदा प्रतिनिधियाें ने कहा कि भारत की आत्मा उसके जनजातीय समाज में बसती है। यह एमओयू केवल कागज नहीं, बल्कि सम्मान, सहभागिता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह साझेदारी 15 साल की दीर्घकालिक योजना के तहत आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बदलाव लाने का लक्ष्य रखती है। एमओयू के अंतर्गत एक मजबूत क्रियान्वयन ढांचा तैयार किया गया है, जो स्थानीय गतिविधियों को राष्ट्रीय रणनीति और संसाधनों से जोड़ता है।
प्रमुख कार्यक्षेत्र
इस समझौते के तहत साझेदार संगठन आदिवासी छात्रावास और आवासीय शिक्षा, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं (मोबाइल मेडिकल यूनिट, चिकित्सा शिविर, टेलीमेडिसिन), ग्रामीण अवसंरचना और जल परियोजनाएं, आजीविका एवं स्वरोजगार पहल, संवैधानिक अधिकार संरक्षण और कानूनी सशक्तिकरण,सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, सामुदायिक सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान, निगरानी और संसाधन जुटाने की रणनीति आदि क्षेत्रो मे काम करेंगे। साथ ही इस साझेदारी में बहु-स्तरीय राष्ट्रीय और राज्य स्तरी य निगरानी व्यवस्था होगी, जिससे परियोजनाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इसके लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सीबिलीटी (सीएसआर) , सरकारी अनुदान, परोपकारी योगदान और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा।
प्रमुख साझेदार संगठन
इस एमओयू के तहत साझेदारी करने वाले संगठनो मे आदिवासी उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संरक्षण मे अग्रणी अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम, अध्यात्मिक और सामाजिक विकास मे सक्रिय सौभाग्य योग साधना फाउंडेशन (एसवाईएसएफ), कानूनी सशक्तिकरण और पुनर्वास के क्षेत्र मे काम करनेवाले अंडर ट्रायल वेलफेअर एसोसिएशन (यूटीडब्ल्यूए), शिक्षा स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास मे योगदान देने वाला टोरस सोशल फाउंडेशन (टीएसएफ) और वित्तीय साक्षरता और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भारत टैलेंट शेयर वेलफेयर प्लेटफॉर्म (बीटीडब्ल्यूपीएफ) शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी

