लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर पाकिस्तान सीमा पर नए डीजीएमओ होंगे
- मौजूदा डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई होंगे डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटेजी)
नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। भारतीय सेना में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर पाकिस्तान सीमा पर नए डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) होंगे। वह उत्तर-पूर्व में सेना की स्पीयर कॉर्प्स की कमान संभालने वाले अनुभवी अधिकारी हैं। मौजूदा डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटेजी) के तौर पर जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे बदलते युद्ध के माहौल में ऑपरेशनल स्ट्रेटेजी को एक नई दिशा मिलेगी।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई अक्टूबर, 2024 में डीजीएमओ नियुक्त हुए थे। वे सेना के अभियानों, खुफिया समन्वय और पाकिस्तान के साथ सीजफायर वार्ता में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने पिछले साल मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरानआतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिसके बाद पाकिस्तान ने सीजफायर की गुहार लगाई थी। उन्होंने अपने सैन्य करियर की शुरुआत 1989 में कुमाऊं रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करके की। इससे पहले वे श्रीनगर स्थित 15वीं कोर (चिनार कॉर्प्स) के कमांडर थे, क्योंकि उन्हें जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों और सीमा पार सैन्य कूटनीति का विशेषज्ञ माना जाता है। उन्हें उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। जून, 2025 से वह डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटजी) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे, जो सेना में बेहद महत्वपूर्ण नियुक्ति है।
भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव करके लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर को डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) पद पर नियुक्त किया गया है। अभी तक वे उत्तर-पूर्व के दीमापुर में सेना की स्पीयर कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के तौर पर तैनात थे। वह अपने लंबे कार्यकाल का बहुत ज्यादा ऑपरेशनल अनुभव अपने साथ लाएंगे। आतंकवाद विरोधी अभियान में अपनी मजबूत कमांड और संवेदनशील पूर्वोत्तर इलाके में रणनीतिक समन्वय के लिए जाने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल पेंढारकर की नियुक्ति ऐसे अहम समय पर हुई है, जब भारत सीमा पर तनाव, हाइब्रिड वॉरफेयर और उभरते प्रौद्योगिकीय खतरों सहित कई डोमेन में बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
वे लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई की जगह लेंगे, जो अब डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटेजी) का रोल संभालेंगे, जिससे सेना के अंदर उच्च-स्तरीय रणनीतिक योजना में निरंतरता पक्की होगी। यह बदलाव भारतीय सेना के उस फोकस को दिखाता है, जो तेजी से मुश्किल होते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में सैन्य ऑपरेशन्स को चलाने के लिए अनुभवी नेतृत्व पर है। डीजीएमओ के तौर पर लेफ्टिनेंट जनरल पेंढारकर परिचालन योजना, संकट प्रतिक्रिया ऑपरेशनल प्लानिंग, क्राइसिस रिस्पॉन्स और कमांडों के बीच समन्वय में अहम भूमिका निभाएंगे, जिससे भारत की सैन्य तैयारी और रणनीतिक स्थिति का भविष्य तय होगा।
हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम

