मजबूत कर्नाटक के निर्माण का नया संकल्प: डीके शिवकुमार
बेंगलुरु, 10 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सरकार के सौ दिन पूरे होने के अवसर पर ‘दृढ़ कर्नाटक का संकल्प’ पेश करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, जल सुरक्षा, निवेश, रोजगार, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देने की घोषणा की। उन्होंने साल 2037 तक कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा।
विधानसौध के बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शिवकुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से मजबूत, सामाजिक रूप से सशक्त, तकनीकी रूप से उन्नत और मूल्यों पर आधारित कर्नाटक का निर्माण करना है।
भूमिहीनों के लिए पांच लाख भूखंड: ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को पांच लाख भूखंड वितरित किए जाएंगे। घरविहीन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों को मुफ्त घर और भूखंड देने की भी घोषणा की गई। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के 50 हजार युवाओं को दो वर्षों में स्वरोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों और युवाओं पर जोर: तीन एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को कम दर पर जुताई की सुविधा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री नेगिल योगी’ योजना लाई जाएगी। सागौन के पेड़ों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ‘तेगदा सिरी’ योजना और विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन से परिचित कराने के लिए ‘ग्रामानुभव’ योजना शुरू की जाएगी।
युवाओं के सशक्तीकरण के लिए राज्य में 10 हजार भारत जोड़ो युवा संघ स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘रोजगार निधि’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निजी रोजगार सृजन को प्रोत्साहन तथा ‘युवा रोजगार सेतु’ के जरिए युवाओं को निजी क्षेत्र की नौकरियों से जोड़ने की योजना है।
ग्रामीण विद्यार्थियों को 7.5 प्रतिशत आरक्षण: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रामीण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में 7.5 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। पंचायत स्तर पर एक हजार सरकारी स्कूलों को कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
100 दिनों में 43,214 करोड़ का निवेश: मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले 100 दिनों में 43,214 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है। पिछड़े तालुकों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज, श्रमिक आवास, वस्त्र उद्योग, बेल्लारी जींस पार्क, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के विकास पर जोर दिया जाएगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य: राज्य में देश का पहला सरकारी प्रायोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता विश्वविद्यालय स्थापित करने तथा छठी कक्षा से विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शिक्षा देने की योजना है। सभी तालुकों में टेली-आईसीयू स्थापित करने और राज्य में एक हजार श्मशान घाटों को विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है।
जनता के घर तक प्रशासन: लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने के लिए ‘प्रजासेवा’ के माध्यम से प्रशासन को जनता के घर तक ले जाने की योजना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अभियान में अब तक 30 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं।
पांच गारंटी पर 1,45,416 करोड़ रुपये: मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पांच गारंटी योजनाओं के तहत 1,45,416 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गृहलक्ष्मी के तहत 1.24 करोड़ महिलाओं को 76,951 करोड़ रुपये, गृहज्योति पर 30,522 करोड़ रुपये, अन्नभाग्य पर 21,054 करोड़ रुपये, शक्ति योजना पर 15,735 करोड़ रुपये और युवा निधि के तहत 3.72 लाख युवाओं को 1,154 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सरकार ने अबतक 2.70 करोड़ लाभार्थियों के खातों में 1,41,210 करोड़ रुपये सीधे जमा किए हैं। इस वर्ष 28.63 लाख किसानों को शून्य और कम ब्याज दर पर 25,652 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है।
निवेश और आर्थिक विकास: पिछले तीन वर्षों में राज्य में 2.53 लाख करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है और छह लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद बढ़कर 32.81 लाख करोड़ रुपये हो गया है और 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने मेकेदाटु और महादयी सहित जल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आगे भी प्रयास जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल कर्नाटक को तेजी से विकसित करना नहीं बल्कि भविष्य के भारत के लिए राज्य को एक आदर्श बनाने का है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.

