सूरत के वेकरिया ने दुबई वर्ल्ड रिकॉर्ड के बाद 2026 में ‘विश्व शंखनाद अभियान’ को व्यापक बनाने का लिया संकल्प

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सूरत के वेकरिया ने दुबई वर्ल्ड रिकॉर्ड के बाद 2026 में ‘विश्व शंखनाद अभियान’ को व्यापक बनाने का लिया संकल्प


सूरत, 31 अगस्त (हि.स.)। भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा शंखनाद को देश-विदेश में जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूरत के यूनिवर्सल फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रकाश कुमार वेकरिया ने दुबई वर्ल्ड रिकॉर्ड के बाद वर्ष 2026 में अभियान को देश-विदेश के मंदिरों, विद्यालयों, शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं तक विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है।

वेकरिया ने लोगों से भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए नियमित शंखनाद करने का आह्वान किया है। वे वर्ष 2019 से ‘विश्व शंखनाद अभियान-हर घर शंख, घर-घर शंखनाद’ चला रहे हैं। अभियान के तहत अब तक 15 लाख से अधिक लोगों को शंखनाद से जोड़ा जा चुका है।

इस अभियान के तहत वर्ष 2022-23 में दुबई में शंखनाद का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। वहीं वर्ष 2022 में बनासकांठा के नडाबेट स्थित भारत-पाकिस्तान सीमा पर ‘एक साद शंखनाद’ के संदेश के साथ महाशंखनाद कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई। कागवड में धार्मिक आयोजन के दौरान 20 मिनट में 44 बार शंखनाद किया गया। कुबेर भंडारी में एक आरती के दौरान लगातार 55 बार शंखनाद की प्रस्तुति के लिए संस्था को सम्मान पत्र भी प्रदान किया गया। वर्ष 2023 में गुजरात के राज्यपाल के सम्मान समारोह में भी शंखनाद की प्रस्तुति दी गई।

फाउंडेशन की ओर से बच्चों और युवाओं को शंख की पहचान तथा शंखनाद का निःशुल्क प्रशिक्षण देने का भी प्रयास किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य शंखनाद को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रखते हुए सुबह-शाम की दिनचर्या, आरती, यज्ञ और सामाजिक आयोजनों से जोड़ना है।

प्रकाशकुमार वेकरिया को सामाजिक सेवा एवं जीवन रक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए वर्ष 2020 में राष्ट्रपति द्वारा ‘जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित किया जा चुका है। वे सिविल डिफेंस में मानद सैनिक के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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