अपडेट...हरित क्षेत्र में दिल्ली बनी देश में नंबर वन- अरविंद केजरीवाल



नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छत्रसाल स्टेडियम में बुधवार को आयोजित गणमंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्टअप, ईवी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सीसीटीवी और हरित क्षेत्र में दिल्ली देश में नंबर बन चुकी है। साथ ही, राशन, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बसों का सफर और तीर्थ यात्रा मुफ्त होने की वजह से आज पूरे देश में सबसे कम महंगाई दिल्ली में है।

केंद्र सरकार को खाने-पीने की वस्तुओं से जीएसटी हटाकर लोगों को महंगाई से राहत देने के साथ ही जीएसटी को सरल करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर रहा है और हम उससे व्यापार बढ़ाते ही जा रहे हैं। 2020 में केंद्र सरकार ने चीन से 65 बिलियन डॉलर, तो 2021 में 95 बिलियन डॉलर का सामान खरीदा। उन्होंने आगे कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी दिलाकर देश में जनतंत्र की स्थापना की, जहां जनता और चुनी हुई सरकारें सुप्रीम है। लेकिन पिछले कुछ वर्षो से जनतंत्र पर आंच आने लगी है। दिल्ली एक राज्य ऐसा है, जहां की चुनी हुई सरकार ने ढेरों कानून पास किए, पर गवर्नर उस पर दस्तखत करने को तैयार नहीं हैं।

एक व्यक्ति विशेष में जनतंत्र को गुलाम बना दिया गया है। ये जुडिशरी, राज्य सरकारों, किसानों, छात्रों और व्यापारियों से लड़ रहे हैं। अगर हम लड़ाई-झगड़ा छोड़ मिलकर काम करें, तो भारत को दुनिया का नंबर-1 देश बनने से कोई नहीं रोक सकता।

वहीं कार्यक्रम की शुरूआत ‘वंदेमातरम्’ गीत के साथ हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सलामी दी और छत्रसाल स्टेडियम ‘भारत माता’ की जयकारे से गूंज उठा। परेड कमांडर एसीपी पी. अभिनंदन के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने निरीक्षण जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर स्टेडियम में मौजूद लोगों के अभिवादन को स्वीकार किया। निरीक्षण जीप में सवार मुख्यमंत्री ने तीन टुकड़ियों में विभाजित दिल्ली पुलिस का दल, होमगार्ड, अग्निशमन सेवा, एनसीसी कैडेट्स का निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या दिल्ली सरकार के स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। परेड की सभी टुकड़ी केजरीवाल को सलामी देते हुए उनके सामने से गुजरी। दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस का पाइप बैंड, होमगार्ड, एनसीसी, सरकारी स्कूलों के बच्चे के परेड दल ने भी मुख्यमंत्री को सलामी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को स्वतंत्र कराया, विदेशियों को खदेड़कर बाहर भेज दिया और दूसरी तरफ जनतंत्र की स्थापना की। हमने अपना संविधान बनाया है। यह देश भारत के लोगों का है। 26 जनवरी 1950 को जनतंत्र की स्थापना की, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से हम देख रहे हैं कि जनतंत्र के ऊपर भी थोड़ी-थोड़ी आंच आने लगी है। जनता सुप्रीम है। भारत के 130 करोड़ लोग सुप्रीम हैं। इनके ऊपर कोई नहीं है। जनता की चुनी हुई सरकारें सुप्रीम है। जनता वोट डालती है और अपना सरकार चलती है। वो सरकारें सुप्रीम हैं, जो जनता कहेगी, वही वो सरकार करेंगे। जनता और जनता द्वारा चुनी हुई सरकारों के ऊपर कोई नहीं है। लेकिन पिछले कुछ सालों में हम देख रहे हैं कि एक राज्य ऐसा है, जहां जनता की चुनी हुई सरकार ने ढेरों कानून पास किए, लेकिन वहां का गवर्नर कानून पर दस्तखत करने को तैयार नहीं है।

कई मामलों में दिल्ली बनी देश में नंबर वन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 7 सालों में दिल्ली के ढाई करोड़ लोगों ने कमाल करके दिखाया है। केंद्र सरकार ने बहुत सारे सर्वे कराए हैं। साथ ही, कई सारी स्वतंत्र एजेंसीज ने बहुत सारे सर्वे कराई हैं और उनके सर्वे में कई बात सामने आई है।

पहला- दिल्ली देश का स्टार्टअप कैपिटल बन चुका है। अब पूरे देश में सबसे ज्यादा स्टार्टअप दिल्ली में शुरू हो रहे हैं। पिछले साल दिल्ली में पांच हजार से ज्यादा स्टार्टअप शुरू हुए। पहले बैंगलुरु देश का नंबर-1 स्टार्टअप प्रदेश था। अब बैंगलुरु दिल्ली से पीछे चला गया है। पिछले साल दिल्ली में 5 हजार से ज्यादा स्टार्टअप शुरू हुए, जबकि बेंगलुरु में 4504 स्टार्टअप शुरू हुए।

दूसरा- दिल्ली देश का ईवी कैपिटल बन चुका है। पूरे देश भर में आज सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल दिल्ली में बिक रहे हैं। पहले कर्नाटक ईवी कैपिटल था, अब कर्नाटक दूसरे नंबर पर आ चुका है और दिल्ली नंबर पर बन चुका है। दिल्ली में खरीदे जाने वाले कुल नए वाहनों में से 10.2 फीसद इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाते हैं और कर्नाटक में 6.3 फीसद इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाते हैं।

तीसरा- दिल्ली मेगा सिटी में ग्रीन कैपिटल बन चुका है। दिल्ली में आज प्रति व्यक्ति 9.6 वर्ग मीटर एरिया में पेड़ या वन हैं, जबकि हैदराबाद में 8.2, बेंगलुरु में 7.2, मुंबई में 5.4, चेन्नई में 2.1, अहमदाबाद में 1.2 में पेड़ या वन क्षेत्र है। देश भर के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा पेड़ और वन का धनत्व दिल्ली के अंदर हैं।

चौथा- दिल्ली देश का एजुशन कैपिटल बन चुका है। किसी स्वतंत्र संस्था ने सर्वे कराया था। जिसमें देश के सारी सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया था। पूरे देश के टॉप के 10 सरकारी स्कूलों में दिल्ली के 5 सरकारी स्कूल है। यह बहुत बड़ी बात है। देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है। आम आदमी पार्टी की सरकार पिछले आठ साल से हर साल अपने पूरे बजट का 25 फीसद शिक्षा पर खर्च करती है। पूरा देश में शिक्षा पर खर्च होने वाला यह सबसे ज्यादा बजट है। कोई राज्य सरकार या केंद्र सरकार शिक्षा पर इतना ज्यादा बजट खर्च नहीं करती है। पिछले 7 सालों में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने वालों की संख्या में 21 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है। हमारी सरकार बनने से पहले दिल्ली के सरकारी स्कूल में करीब 14.5 लाख बच्चे पढ़ते थे। वहीं, आज 18 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। बहुत सारे लोग हैं, जिन्होंने अपने बच्चों के नाम प्राइवेट स्कूलों से कटवा कर सरकारी स्कूल में भर्ती कराया है। यह अद्भुत चमत्कार है। पहले दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 80-82 फीसद ही बच्चे पास होते थे। पिछले साल दिल्ली सरकार के स्कूलों के 99.7 फीसद बच्चे पास हुए हैं। प्राइवेट स्कूलों से 6 प्रतिशत ज्यादा बेहतर नतीजे दिल्ली सरकार के स्कूलों में आए हैं।

पांचवां- हमारी दिल्ली दिल्ली देश का हेल्थ कैपिटल बन चुकी है। दिल्ली के अंदर आज सबसे ज्यादा डॉक्टर है। केवल अपने देश के अंदर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा डॉक्टर दिल्ली में है। दिल्ली में 1000 लोगों पर तीन डॉक्टर हैं। यह अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जापान से भी ज्यादा है। इन देशों में हजार लोगों पर करीब ढाई डॉक्टर हैं। दिल्ली के लोगों ने बड़े-बड़े देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।

सीसीटीवी कैमरे के मामले में दिल्ली ने लंदन, सिंगापुर, पेरिस, न्यूयार्क, वाशिंगटन को भी पीछे छोड़ा- अरविंद केजरीवाल

सीएम अरविंद केजरीवाल ने इन उपलब्धियों के अलावा आज पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सीसीटीवी कैमरे दिल्ली के अंदर लगे हुए हैं। पिछले कुछ सालों में ‘‘आप’’ की सरकार ने 2.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। आज दिल्ली में प्रति वर्ग मील 1826 सीसीटीवी कैमरे हैं। यह लंदन, सिंगापुर, पेरिस, न्यूयार्क, वाशिंगटन से ज्यादा है। दिल्ली ने बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है। जब मैं छोटा बच्चा था, उन दिनों में एक फिल्म आई थी। उसमें एक गाना था कि इसको हराया, तो क्या किया, उसको हराया, तो क्या किया, दारा सिंह को हराओ तो जानें। मतलब यह कि ऐरे-गैरों को हराने से क्या फायदा है, बड़े-बड़ों को हराओ तो जानें। आज आपकी दिल्ली अमेरिका, लंदन, सिंगापुर, न्यूयार्क, वाशिंगटन जैसे बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ रही है। भगवान करें कि हमारी दिल्ली ऐसी ही तरक्की करती रहे, हमारा देश तरक्की करें और हम सब 130 करोड़ भारतवासी मिलकर एक साथ अपने देश को आगे ले जाएं।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने इन्हें किया सम्मानित

असिस्टेंड सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार-

असिस्टेंड सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार ने कारागार विभाग में वार्डन के पद पर वर्ष 1989 में ज्वाइ किया। वे 2009 में हेड वार्डन और 2019 में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट पद पर पदोन्नत हुए। अपने कार्यकाल में शुरुआत से ही उनमें कार्य को सीखने और बेहतर ढंग से निष्पादित करने की लगन थी। राजेश कुमार ने जेल के कैदियों में अपनी गहरी पैठ रखी। इस कारण वे कैदियों के किसी भी षड़यंत्र को असफल कर पाने में सक्षम रहे।

उन्होंने जेल नंबर-4 में आयोजित हुई पंचायत को सफल बनाने के लिए अतुलनीय कार्य किया। साथ ही, जेल में कैदियों के लिए सांस्कृति कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी पूरी मेहनत की। कोरोना महामारी के समय जेल में मास्क फैक्ट्री को शुरू करने में राजेश कुमार का विशेष योगदान रहा। जेल में पबल्कि रिलेशन ऑफिसर के रूप में राजेश कुमार का कार्य उल्लेखनिय है। इन कार्यों और प्रयासों को देखते हुए राजेश कुमार को प्रेसिडेंट करेक्शनल मेडल फॉर डिस्टिंगुइश सर्विस’ से सम्मानित किया गया।

असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट नरेश कुमार-

असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट नरेश कुमार ने 1989 में वॉर्डन के पद पर नियुक्ति ली। 2008 में हेड वॉर्डन और 2018 में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट के पद पर पदोन्नत किया गया। एक कर्मठ कर्मचारी के रूप में नरेश कुमार ने जेल विभाग की अलग-अलग शाखाओं में काम किया। यूडी ऑफिस, सिटी ऑफिस, वार्ड इंचार्ज एवं आंतरिक जेल प्रबंधन में नरेश कुमार का कार्य सराहनीय रहा। कोरोना महामारी के दौरान कोरोना के लिए बनाई गई जेल नंबर-2 में इनके कार्य प्रबंधन को सभी ने सराहा। कोविड महामारी में बातौर वार्ड प्रभारी उल्लेखनीय कार्य किया। नरेश कुमार को प्रेसिडेंट करेक्शनल मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस’ से सम्मानित किया गया।

परेड में पहली बार शामिल हुआ सरकारी स्कूल का बैंड

इससे पहले, कार्यक्रम में परेड हुआ। परेड में पहली बार दिल्ली के सरकारी स्कूल का बॉयज बैंड शामिल हुआ। इसमें गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल नंबर-1 पंजाबी बाग के बच्चे पहली बार राजकीय गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बने। इनके अलावा बॉयज बैंड में एमएपीएस अशोक विहार, एमएएमएस प्रीतमपुरा के छात्र भी शामिल रहे।

दिल्ली के सरकारी स्कूलों का बैंड इस वर्ष की परेड का मुख्य आकर्षण भी रहा। परेड में एसबीवीपी तुगलकाबाद एक्सटेंशन की पहली टुकड़ी का नेतृत्व सचिव यादव ने किया। इसके बाद अमन कुमार के नेतृत्व में गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल धर्मपुरा नजफगढ़ और प्रियांशु के नेतृत्व में गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवली के छात्रों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सलामी देते हुए मार्च पास्ट किया। अंत में गर्ल्स एंड बॉयज फ्लैग मार्चर ने मार्च पास्ट की। गवर्नमेंट गर्ल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल नंबर-3 नजफगढ़ से गर्ल्स कमांडर ज्योति, मिनाक्षी एसकेवी रमेश नगर के नेतृत्व में छात्राओं ने तिरंगे के तीनों रंग के झंडे लेकर मार्च पास्ट किया। इनके बाद, बॉयज फ्लैग बियरर के दल ने मार्च पास्ट की। इसमें जीपीएसएसएस आईएआरआई पूसा से नितिन के साथ गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेंकेंडरी स्कूल सेक्टर-5 अंबेडकर नगर के गगन और गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल कराला के तुषार के नेतृत्व में बॉयज फ्लैग मार्च निकाली।

हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी

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