रक्षा मंत्री ने 'वीर गाथा 2.0' प्रतियोगिता के सुपर 25 बच्चों को दिए पुरस्कार



- राजनाथ सिंह ने बच्चों की बहादुरी, उत्साह और रचनात्मकता को सराहा

- इस बार 'वीर गाथा' प्रतियोगिता में शामिल हुए 19 लाख से ज्यादा बच्चे

नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को चाणक्य ऑडिटोरियम में 'वीर गाथा 2.0' के 25 विजेताओं को सम्मानित किया। विजेताओं को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, एक पदक और एक प्रमाण पत्र दिया गया। युवा विजेताओं को बधाई देते हुए रक्षा मंत्री ने उनकी बहादुरी, उत्साह और रचनात्मकता को सराहा और विश्वास व्यक्त किया कि युवा पीढ़ी न केवल खुद को, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई बेहतर दिशा प्रदान करेगी।

दो माह तक चली वीरगाथा 2.0 प्रतियोगिता में देशभर से साढ़े 19 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। वीर गाथा 2.0 प्रतियोगिता का यह दूसरा संस्करण था। पिछले साल 'आजादी का अमृत महोत्सव' मौके पर वीर गाथा को रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने संयुक्त रूप से शुरू किया था, जिसे जबर्दस्त सफलता मिली थी। राजनाथ सिंह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट की उपस्थिति में विजेताओं को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, एक पदक और एक प्रमाण पत्र दिया। राजनाथ सिंह ने युवा छात्रों में देशभक्ति के मूल्यों को प्रेरित करने में वीर गाथा की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाएं छात्रों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता और बहादुरी के मूल्यों का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

वीर गाथा की बढ़ती लोकप्रियता पर प्रकाश डालते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि इतने कम समय में इस परियोजना ने अपार लोकप्रियता हासिल की है और यह अपने आप में एक आंदोलन बन गया है। पिछले साल 8 लाख पार्टिसिपेशन हुए थे, जबकि इस बार इन एंट्रीज की संख्या 19 लाख को पार कर गई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि करोड़ों बच्चे अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हुए हैं, जो इस परियोजना का उद्देश्य भी है। देश के बच्चों के साथ जुड़ना और उन्हें प्रेरित करना ही राष्ट्र निर्माण है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हम जितना बेहतर बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण करेंगे, राष्ट्र निर्माण उतना ही बेहतर और मजबूत होगा।

दैनिक जीवन में वीरता के महत्व को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वीरता और साहस केवल युद्ध के मैदान में ही नहीं, दैनिक जीवन में भी दिखना जरूरी है। सामाजिक गतिविधियों में भी गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठाना बहुत बहादुरी और हिम्मत का काम है। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस, अशफाक उल्ला खान जैसे महान व्यक्तित्व जीवनभर सच बोलते रहे, चाहे इसके लिए उन्हें कितनी ही कीमत क्यों न चुकानी पड़ी हो। रक्षा मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि इस तरह के सम्मान समारोह का आयोजन राज्य और जिला स्तर पर भी किया जाना चाहिए, ताकि परियोजना अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने भी मौजूद थे। आर्मी पब्लिक स्कूलों और छावनी बोर्डों के 100 से अधिक एनसीसी कैडेट और छात्र उपस्थित थे, जिसमें 500 से अधिक स्कूलों के छात्र और शिक्षक वर्चुअली शामिल हुए थे।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम 

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story