पाकिस्तानी अखबारों सेः आईएमएफ के आगे घुटने टेकने और महंगाई बढ़ने की खबरों को प्रमुखता



- बाढ़ प्रभावित 60 लाख लोगों के खाद्य संकट और बिजली की आंख मिचौली को भी महत्व

नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। पाकिस्तान से बुधवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने आईएमएफ के आगे केंद्र सरकार के घुटने टेकने की खबर को प्रमुखता दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना कि पाकिस्तान को बचाने की जिम्मेदारी आखिरी हद तक निभाएंगे। कर्ज के पैसों पर अय्याशी की इजाजत नहीं दी जा सकती। आईएमएफ से कह दिया है कि शर्तें मंजूर हैं। गैस और पेट्रोलियम उत्पाद महंगे होंगे, टैक्सों और रेवेन्यू में वृद्धि होगी, बिजली पर सब्सिडी भी खत्म की जाएगी।

अखबारों ने विश्व बैंक के हवाले से उस खबर को भी महत्व दिया है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में बाढ़ की वजह से 60 लाख से अधिक लोगों को खाद्य की कमी का सामना करना पड़ा है। अखबारों ने पीटीआई के नेशनल असेंबली से आउट होने की खबर देते हुए बताया कि उसके 43 और सदस्यों के त्यागपत्र मंजूर कर लिए गए हैं। पीटीआई का आरोप है कि स्पीकर ने यह सभी त्यागपत्र पुरानी तारीख में मंजूर करके इलेक्शन कमीशन को भिजवा दिया है।

अखबारों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज इलाही की मुलाकात की खबरें देते हुए बताया है कि उन्होंने पंजाब के केयरटेकर मुख्यमंत्री की नियुक्ति पर चर्चा की है और इसे अदालत में चैलेंज करने का फैसला लिया है। अखबारों ने एडवोकेट जनरल पंजाब समेत 97 लॉ अफसरों को पदमुक्त करने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री शेख रशीद का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बात सियासत से आगे निकल गई है। देश गृहयुद्ध की तरफ जा रहा है।

अखबारों ने बिजली के बड़े ब्रेकडाउन के बाद हर घंटे रुक-रुक कर बिजली जाने की खबरें देते हुए बताया है कि प्रधानमंत्री ने इसके लिए राष्ट्र से माफी मांगी है। अखबारों ने संयुक्त राष्ट्र संघ महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने स्वीडन में कुरान पाक को आग के हवाले करने की कड़ी निंदा की है। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित की हैं।

रोजनामा खबरें ने अमेरिका के उस बयान को प्रकाशित किया है जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत दोतरफा मामला है। हम दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता चाहते हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि हम लंबे समय से दक्षिण एशिया में स्थिरता के लिए प्रयासरत हैं। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह की बातचीत की रफ्तार, स्थिति और उसके दायरे का फैसला दोनों देशों को ही करना है।

रोजनामा एक्सप्रेस ने सऊदी अरब और भारत की एक कंपनी के साथ एक मिलियन डॉलर का समझौता करने की खबर छापी है। अरब मीडिया के अनुसार सऊदी निवेश मंत्रालय ने स्विट्जरलैंड में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के बैठक के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है। यह कंपनी सऊदी अरब में कृषि केमिकल और फसलों की सुरक्षा से संबंधित कार्य करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार/एम ओवैस

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