पाकिस्तानी अखबारों सेः सेनाध्यक्ष के लिए भेजे गए नामों पर जारी मंथन को प्रमुखता



- सत्ता वापसी के इमरान के दावे और सरकार में नियुक्तियों पर विरोधाभास को भी महत्व

- सऊदी अरब की अर्जेंटीना पर जीत और पूर्व सीजेआई यूयू ललित के बयान को दी जगह

नई दिल्ली, 23 नवंबर (हि.स.)। पाकिस्तान से बुधवार को प्रकाशित अधिकांश समाचार पत्रों ने नए सेनाध्यक्ष के लिए सेना मुख्यालय से 6 वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल्स के नाम प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे जाने की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की हैं। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर, साहिर शमशाद, मिर्जा अजहर अब्बास, नोमान महमूद, फैज हमीद और मोहम्मद आमिर के नाम शामिल हैं। प्रधानमंत्री हाउस में नए सेनाध्यक्ष के नाम को लेकर बैठक हुई है जिसमें केंद्रीय मंत्री ख्वाजा आसिफ, इसहाक डार और सेना के पदाधिकारियों ने भाग लिया है। अखबारों ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की है।

अखबारों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा कि हर तरफ माफिया का बोलबाला है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति प्रणाली बेहतर है। 2018 में दिवालिया देश मिला था। दोबारा देश का बुरा हाल कर दिया गया है। हम वापस आएंगे। चुनाव अभियान भी चलाने की जरूरत नहीं है।

अखबारों ने सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं में देश में होने वाली प्रमुख नियुक्तियों को लेकर आपस में विरोधाभास होने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने गृहमंत्री राना सनाउल्लाह का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि इमरान खान चाहते हैं कि इस्टैब्लिशमेंट मजबूर होकर उनसे बात करे। वह लांग मार्च के जरिए दबाव डालना चाहते हैं। अखबारों ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में नैब अदालत के जरिए इसहाक डार के खिलाफ कार्रवाई खत्म करने का आदेश दिए जाने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने दक्षिणी वजीरिस्तान में आतंकवादियों के साथ सेना की झड़प की खबरें देते हुए बताया है कि सेना का एक जवान मारा गया है।

तोशाखाना रिफरेंस केस में इमरान खान के खिलाफ बाकायदा फौजदारी कार्रवाई शुरू होने की खबरें भी अखबारों ने दी हैं। अखबारों ने फीफा वर्ल्ड कप में बड़े अपसेट की खबर देते हुए बताया है कि सऊदी अरब ने हॉट फेवरेट अर्जेंटीना को शिकस्त दे दी है। अर्जेंटीना दो बार की विश्व चैंपियन का है। अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सऊदी अरब की टीम 51वें नंबर पर है। अखबारों ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के जरिए अमेरिका को दो सैन्य अड्डे देने से इनकार की खबरें देते हुए बताया है कि तालिबान ने 3 अरब डॉलर की मदद भी ठुकरा दी है। अमेरिका का कहना है कि अगर तालिबान अफगानिस्तान में अड्डे दे दे तो बदले में उनकी सरकार को मान्यता दे देंगे।

अखबारों ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि सिविल मामलों को अब आपराधिक रंग दिया जा रहा है और बिना किसी बड़ी वजह के गिरफ्तारियां की जा रही हैं। इससे न्याय व्यवस्था पर बोझ बढ़ रहा है। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि के पहले पन्ने पर प्रकाशित की है।

रोजनामा दुनिया ने क्वेटा एयरपोर्ट के करीब किला सैफुल्ला में एक ट्रक से भारतीय निर्मित गुटका की बड़ी खेप पकड़े जाने की खबर दी है। ज़ब्त गुटके की कीमत 12 करोड़ से अधिक बताई जा रही है जबकि इसमें 5 करोड़ 50 लाख ड्यूटी टैक्स की चोरी की गई है। रोजनामा दुनिया में भारत की जेल में 11 साल कैद रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक वारिस मसीह के रिहा होकर स्वदेश पहुंचने की खबर छपी है। इस पाकिस्तानी नागरिक को वाघा बॉर्डर पर बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स के हवाले किया। वारिस मसीह का संबंध पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र नरवाला गांव से है। उन्हें अमृतसर में 9 मई 2011 को गैरकानूनी तौर से बॉर्डर क्रॉस करने और मादक पदार्थों की स्मगलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

हिन्दुस्थान समाचार/ एम ओवैस

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