अजमेर शरीफ में जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की तरफ से चिकित्सा शिविर का उद्घाटन



- 811वें उर्स के दौरान 30 जनवरी तक मुफ्त दवाईयों के साथ एम्बुलेंस की सुविधा

नई दिल्ली/अजमेर, 24 जनवरी (हि.स.)। हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी से सिलसिले से संबंध रखने वाले राष्ट्रीय संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा कायड़ विश्राम स्थली अजमेर शरीफ में 811वें उर्स के अवसर पर गत वर्षों की तरह इस बार भी जायरीन (श्रद्धालुओं) के लिए एक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें दरगाह आने वाले जायरीन के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों की देखरेख में मुफ्त चिकित्सा सुविधा के साथ एम्बुलेंस सेवा की भी व्यवस्था की गई है।

चिकित्सा शिविर के माध्यम से ख्वाजा हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी की दरगाह पर आने वाले श्रद्धालुओं को 30 जनवरी तक मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान की जाएगी। इसके लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तरफ से कई डॉक्टर और स्वयंसेवक दवाईयों और दो एम्बुलेंस के साथ दिन-रात जायरीन की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।

इस संदर्भ में आज कायड़ विश्राम स्थली अजमेर शरीफ में एक उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया जिसमें जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के आर्गेनाइजर मौलाना अबुल हसन साहब पालनपुरी मुख्य अतिथि के तौर पर और दरगाह अजमेर शरीफ से जुड़े पदाधिकारियों ने शिरकत की। समारोह की शुरुआत मदरसा तरतील-उल-कुरान के छात्र हाफिज मोहम्मद सुफियान द्वारा पवित्र कुरान की तिलावत के साथ हुई। मदरसा मोईन-उल-इस्लाम बकरा मंडी अजमेर के छात्र मोहम्मद हसन ने नतिया कलाम प्रस्तुत किया।

शिविर का उद्घाटन दरगाह शरीफ के नायब नाजिम आदिल जैद ने किया जबकि अंजुमन खुद्दाम सैयद जादगान दरगाह शरीफ अजमेर के पूर्व संयुक्त सचिव मुशब्बिर हुसैन व गुरूभाई ने शिविर का निरीक्षण किया। शिविर की देखरेख जमीयत उलेमा मेवात के महासचिव मुफ्ती सलीम अहमद कासमी साकरस और जमीयत उलेमा सोहना क्षेत्र के महासचिव मौलाना दिलशाद कासमी हंगनपुर कर रहे हैं।

इस मौके पर दरगाह के पदाधिकारियों ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हजरत मौलाना महमूद मदनी के प्रयासों की सराहना की, जो विभिन्न मोर्चों पर देश और मुसलमानों की सेवा कर रहे हैं। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कर रहे और अंजुमन खुद्दाम सैयद जादगान अजमेर दरगाह के पूर्व सचिव हाजी हाजी सैयद अब्दुल वाहिद चिश्ती अंगारा ने चिकित्सा शिविर की पूरी टीम और जमीयत उलेमा के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी को बधाई दी। उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद की चौतरफा सेवाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद धर्म, राष्ट्र, जात-पात और समुदाय के बिना भेदभाव के सेवा करती है और मौलाना महमूद मदनी हमेशा राष्ट्र और मुसलमानों की एकता के लिए प्रयासरत रहे हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की सेवओं को भुलाया नहीं जा सकता, हम मौलाना मदनी के आभारी हैं।

इसके अलावा मुख्य अतिथि के रूप में पधारे जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के आर्गेनाइजर मौलाना अबुल हसन पालन पुरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

जमीयत उलेमा मेवात के महासचिव और कैंप के केयरटेकर मुफ्ती सलीम अहमद कासमी साकरस ने कार्यक्रम का संचालन किया और समारोह का समापन हाजी सैयद अब्दुल वाहिद चिश्ती अंगारा की दुआ के साथ हुआ।

हिंदुस्थान समाचार/ मोहम्मद शहजाद

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