प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक नेतृत्व में प्रगति के पथ पर गतिमान है भारत: शिवराज



प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक नेतृत्व में प्रगति के पथ पर गतिमान है भारत: शिवराज


प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक नेतृत्व में प्रगति के पथ पर गतिमान है भारत: शिवराज


- गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री ने जबलपुर में किया ध्वजारोहण, प्रदेशवासियों की दी शुभकामनाएँ

भोपाल, 26 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक नेतृत्व में भारत प्रगति के पथ पर गतिमान है। कोविड-19 के संकट काल में मोदी जी ने न सिर्फ भारतवासियों के जीवन की रक्षा की, बल्कि भारत ने स्वयं वैक्सीन तैयार की और कई देशों को भेजी भी। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रति कर रहा है। हमारी विकास दर सतत बढ़ रही है। कृषि में हमारे किसानों ने चमत्कार कर दिया है। मैं वादा करता हूं कि मध्यप्रदेश सबसे बेहतरीन सड़कों का राज्य बनेगा।

मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर जबलपुर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां गैरीसन ग्राउंड में 74वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरप्लस स्टेट बन रहा है। अब कोयले और पानी से ही नहीं, हम सौर ऊर्जा से भी बिजली बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ हैं। ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। हमारा संकल्प है कि हर घर सोलर पैनल लगे और धीरे-धीरे घर की जरूरत की बिजली घर में ही बनने लगे। पानी, बिजली, सड़क या शिक्षा हो, मध्यप्रदेश बेहतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि देश आजाद हुआ, अंग्रेज चले गए, लेकिन अंग्रेजी बनी रही। जब दूसरे देश अपनी भाषा में उच्च शिक्षा की व्यवस्था कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं? मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया और मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हिंदी में शुरुआत की। गाँवों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए 20 से 25 किमी के दायरे में सीएम राइज स्कूल बना रहे हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लास, लैब, लाइब्रेरी तथा प्ले ग्राउंड यहाँ सब होगा। बच्चे बस से स्कूल पढ़ने आएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर में यह बताते हुए मुझे प्रसन्नता है कि एक औद्योगिक क्षेत्र जबलपुर में भी बसाया जाएगा। यहां गारमेंट्स और टेक्सटाइल की यूनिट बनेगी, रहवासी प्लॉट्स भी होंगे, यहां होटल, हॉस्पिटल और मॉल के लिए भी जगह होगी।

उन्होंने कहा कि इंदौर में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भारत सहित विश्व भर से आए उद्योगपतियों ने ₹15.42 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की घोषणा की है। यह उद्योग पूरे मध्यप्रदेश सहित महाकौशल क्षेत्र में भी आएंगे।मध्यप्रदेश की विकास दर 19.76 प्रतिशत है। प्रचलित दरों पर हिन्दुस्तान में सबसे तेज विकास की दर हमारे प्रदेश की है। देश की अर्थव्यवस्था में कभी प्रदेश का योगदान 3.6 प्रतिशत होता था, जो बढ़कर 4.6 फीसदी हो गया है। अभी मध्यप्रदेश में प्रवासी भारतीय सम्मेलन हुआ, प्रवासी भारतीय मध्यप्रदेश की प्रगति को देखकर गदगद थे। जी-20 की कई बैठकें मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश निरंतर बढ़ रहा है। वह गरीब जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गए थे उनका भी ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है। मध्यप्रदेश में हम 1 करोड़ 15 लाख परिवारों को नि:शुल्क राशन दे रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेजों की श्रृंखला हमने प्रारंभ की। 7 मेडिकल कॉलेज खुल चुके हैं, बाकी पर काम चल रहा है। हमारा संकल्प स्मार्ट विलेज है। गाँव में बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति का संकल्प हमने लिया है। सामाजिक समरसता के साथ सभी वर्ग के कल्याण के मंत्र के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस साल एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियों की भर्ती की जाएगी। मैं चाहता हूं कि सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं, बेटे-बेटियां अपना रोजगार भी शुरू करें। एक ग्लोबल स्किल पार्क राजधानी भोपाल में बन रहा है। दूसरा स्किल पार्क संस्कारधानी जबलपुर में बनाया जाएगा। हम किसान की बेहतरी के लिए भी काम कर रहे हैं। चाहे जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज हो, दो साल में फसल बीमा योजना में 17 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में हमने डाला है। अलग-अलग योजनाओं की 2 लाख 25 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में डाली गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्राणदायिनी मां नर्मदा को प्रणाम करते हुए आपसे कहना चाहता हूं कि नर्मदा परिक्रमा पथ और नर्मदा कॉरिडोर का तीन चरणों में विकास किया जायेगा, जो अद्भुत होगा। महिला सशक्तीकरण के लिए हमने कार्य किया है। स्व सहायता समूह तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, 44 लाख बहनें इनसे जुड़ी हैं। हमारा संकल्प है कि गाँव में रहने वाली बहनों की प्रति महीने आमदनी कम से कम 10 हजार रुपये हो।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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