उत्तराखंड : मुख्यमंत्री जी-20 की बैठकों की तैयारियों का 15 दिन में करेंगे समीक्षा



-जी-20 देशों के प्रतिनिधि ऋषिकेश गंगा आरती में करेंगे प्रतिभाग

-मई-जून के अन्तिम सप्ताह में उत्तराखंड में प्रस्तावित है बैठक

-उत्तराखंड को जी-20 समिट से वैश्विक पटल पर मिलेगी पहचान : मुख्यमंत्री

देहरादून, 25 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री उत्तराखंड में होने वाली जी-20 की बैठकों की प्रत्येक 15 दिन में तैयारियों की समीक्षा करेंगे। जी-20 देशों के प्रतिनिधि ऋषिकेश गंगा आरती में भी प्रतिभाग करेंगे। आयोजन स्थल पर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जी-20 समिट की आगामी 25 से 28 मई और 26 से 28 जून में उत्तराखंड में प्रस्तावित जी-20 की बैठकों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बैठकों को लेकर जिस विभाग को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, संबंधित विभागीय सचिव उसकी नियमित समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कहा कि प्रदेश में जी-20 की बैठकों की तैयारियों को लेकर प्रत्येक 15 दिन में वे स्वयं समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पटल पर नई पहचान मिलेगी। इससे मां गंगा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से भी सम्मेलन के प्रतिभागी परिचित हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि जी-20 की दोनों बैठकों में जी-20 और आमंत्रित देशों के जो प्रतिनिधि शामिल होंगे। उनके सामने जो भी प्रस्तुतीकरण दिया जाना है, उसकी समय पर पूरी तैयारियां कर ली जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह हमारे पास एक अच्छा अवसर है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिन उत्पादों को हम व्यापक स्तर पर वैश्विक पहचान दिला सकते हैं, उनकी विशिष्टता की पहचान कर ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की दो बैठकों में एक बैठक गढ़वाल और एक बैठक कुमाऊं मण्डल में आयोजित हो, इसका भी ध्यान रखने को कहा। बैठक की जन जागरूकता के लिए शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सूचना विभाग व पुलिस की ओर से व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में बहुद्देशीय शिविरों के माध्यम से भी लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड योग की धरती है। योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए जो कार्य किये जा रहे हैं, समिट में इसका प्रस्तुतीकरण भी दिया जाए। आयोजन स्थल पर योग और पंचकर्म की भी व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि बैठकों में अनेक देशों से प्रतिनिधि आयेंगे। इसके लिए विदेशी भाषाओं के जानकारों की भी सेवाएं ली जाएं। राज्य में होने वाले जी-20 की बैठक के बेहतर आयोजन के लिए राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के सुझाव भी लिए जायेंगे।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधू,अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी,आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु,अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन,ए.पी अंशुमन,सचिव आर.मीनाक्षी सुदंरम,अरविन्द सिंह ह्ंयाकी, सचिन कुर्वे,बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम,सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/रामानुज

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