डिजिटल क्रांति ने देश में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया -नितिन नवीन

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डिजिटल क्रांति ने देश में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया -नितिन नवीन


नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)l देश में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने अपनी स्थापना के 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और जनसशक्तिकरण का सशक्त आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने देश में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया है।

नवीन ने कहा कि यूपीआई माध्यम से डिजिटल भुगतान में क्रांतिकारी बदलाव आया है, जबकि डिजिलॉकर ने कागजरहित सेवाओं को बढ़ावा दिया है। वहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई ) के माध्यम से भारत ने विश्व के सामने समावेशी और तकनीक-आधारित विकास का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज गांव से लेकर वैश्विक मंच तक भारत की डिजिटल क्षमता इनोवेशन और डिजिटल परिवर्तन की नई पहचान बन रही है। उनके अनुसार, डिजिटल इंडिया अभियान विकसित भारत के संकल्प को नई गति देने के साथ भारत को वैश्विक डिजिटल नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

उल्लेखनीय है कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 1 जुलाई 2015 को शुरू किया गया था। आज इस कार्यक्रम के 11 वर्ष पूरे हो गए है। डिजिटल इंडिया ने इंटरनेट की पहुंच बढ़ाकर और सेवाओं को ऑनलाइन लाकर डिजिटल अंतर को कम करने में सहायता की। इसने डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत किया और सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और अधिक सुलभ बनाया। अब लाखों लोग स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, बैंकिंग और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।

डिजिटल अवसंरचना में सरकारी निवेश ने ग्रामीण और शहरी भारत में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया। इस कार्यक्रम ने किफायती इंटरनेट और बड़े पैमाने पर डिजिटल पहुंच के जरिए डिजिटल टेक्नोलॉजी के लोकतंत्रीकरण को भी बढ़ावा दिया।

पिछले दशक में, डिजिटल इंडिया भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की नींव बन गया है। भारत अब ग्लोबल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट में सबसे आगे है, जिसमें यूपीआई मात्रा के लिहाज से दुनिया भर के लेनदेन का लगभग 49 प्रतिशत संभालता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 12-14 प्रतिशत का योगदान देती है।

अगले एक दशक में यह लगभग पांचवां हिस्सा योगदान देगी। डिजिटल इंडिया ने अलग-अलग क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप ग्रोथ और प्रौद्योगिकी को अपनाने की गति को तेज किया। इसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा में भारत की क्षमताओं को भी मजबूत किया। जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत 2047' की ओर बढ़ रहा है, डिजिटल इंडिया देश भर में समावेशी विकास, प्रौद्योगिकी के मामले में आत्मनिर्भरता और नागरिकों के सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहा है

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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