(अपडेट) उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति पुलिस निशान, अमित शाह ने किया सम्मानित
देहरादून, 6 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देहरादून स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत किया। इसके साथ ही उत्तराखंड यह सम्मान प्राप्त करने वाला देश का 16 वां राज्य बन गया है। राज्य गठन के बाद पुलिस बल की 25 वर्षों की सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान में यह निशान प्रदान किया गया।
समारोह में अमित शाह ने पुलिस परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया। सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक सौहकार पुण्डीर को भी पदक प्रदान किए गए। गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस के विशेष डाक आवरण तथा पुलिस पत्रिका का विमोचन भी किया।
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलना उत्तराखंड पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान के लिए गौरव का क्षण है। पुलिस ने सेवा भाव, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं का संचालन उत्तराखंड पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
गृह मंत्री ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल प्रणालियों के इस्तेमाल से जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि मई 2027 के बाद दर्ज होने वाले मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस, न्यायालय और अभियोजन व्यवस्था को डिजिटल माध्यम से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों को समयबद्ध न्याय मिल सके।
उन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान बलिदान देने वाले उत्तराखंड पुलिस के 206 जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय करीब 13 हजार जवानों से शुरू हुआ पुलिस बल अब 26 हजार से अधिक कर्मियों तक पहुंच गया है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के बीच पुलिस ने साहस तथा संवेदनशीलता से काम किया है। उन्होंने विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में उत्तराखंड पुलिस के खिलाड़ियों के 37 पदक जीतने पर भी बधाई दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति पुलिस निशान को पुलिस बल के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की राष्ट्रीय मान्यता बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस के गौरवशाली इतिहास में नया अध्याय है। राज्य गठन के समय पुलिस में करीब 13 हजार जवान, 96 थाने और 42 चौकियां थीं। आज 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस कानून-व्यवस्था के साथ चारधाम यात्रा, यातायात प्रबंधन और आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में सात हजार से अधिक आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं और 307 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। ऑपरेशन स्माइल और ऑपरेशन मुक्ति के जरिए गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने तथा भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, तीरथ सिंह रावत और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

