सिक्किम सुरंग त्रासदी के बाद चार दिन चला खोज एवं बचाव अभियान समाप्त, सभी 25 शव बरामद

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सिक्किम सुरंग त्रासदी के बाद चार दिन चला खोज एवं बचाव अभियान समाप्त, सभी 25 शव बरामद


सिक्किम सुरंग त्रासदी के बाद चार दिन चला खोज एवं बचाव अभियान समाप्त, सभी 25 शव बरामद


नाम्ची, 23 जुलाई (हि.स.)। नाम्ची जिले के झोलुंगे अंतर्गत समरदुंग में निर्माणाधीन नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचपीसी) की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में पिछले चार दिनों से चलाया जा रहा खोज एवं बचाव अभियान गुरुवार को समाप्त हो गया। सुरंग से सभी 25 पीड़ितों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

नाम्ची जिला प्रशासन के अनुसार आज के बचाव अभियान के दौरान तीन और शव बरामद किए गए। इसके साथ ही इस हादसे में मृतकों की कुल संख्या 25 हो गई। इसके बाद बचाव दल ने सुरंग का विस्तृत निरीक्षण किया और लापता सभी श्रमिकों के विवरण का मिलान करने के बाद पुष्टि की कि अब सुरंग के भीतर कोई भी व्यक्ति फंसा नहीं है। मृतकों में एनएचपीसी लिमिटेड, एआरएक्स और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हैं। वे भारत के 10 राज्यों के निवासी थे, जिनमें पश्चिम बंगाल के 11, झारखंड के 4, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के 2-2 तथा केरल, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, पंजाब और असम के 1-1 व्यक्ति शामिल हैं।

बरामद सभी शवों को आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के लिए सिंगताम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल (गंगटोक), नाम्ची जिला अस्पताल और सेंट्रल रेफरल अस्पताल, मणिपाल भेजा गया है। जिन शवों की पहचान हो चुकी है, उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। खोज एवं बचाव अभियान ख़त्म होने के बाद जिला प्रशासन ने चार दिनों तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान में अथक समर्पण, पेशेवर दक्षता और उत्कृष्ट समन्वय के साथ योगदान देने वाले सभी बचाव एजेंसियों और कर्मियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

इस बीच, राज्य सरकार ने इस दुखद घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। बचाव अभियान नाम्ची जिला प्रशासन के नेतृत्व में एनएचपीसी के अधिकारियों, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, आसनसोल की माइंस रेस्क्यू टीम, सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के घनिष्ठ समन्वय से चलाया गया। अभियान की निरंतर निगरानी सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने की।

दक्षिण सिक्किम के नाम्ची जिले के समरदुंग, झोलुंगे स्थित एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में यह हादसा 20 जुलाई की दोपहर हुआ था। सुरंग के भीतर अचानक विस्फोट के साथ कथित रूप से मीथेन गैस का रिसाव होने से वहां कार्यरत श्रमिक जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Bishal Gurung

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