रेलवे में बढ़ती आउटसोर्सिंग के खिलाफ एआईआरएफ का गुरुवार को राष्ट्रीय सम्मेलन

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रेलवे में बढ़ती आउटसोर्सिंग के खिलाफ एआईआरएफ का गुरुवार को राष्ट्रीय सम्मेलन


नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय रेलवे के मुख्य, तकनीकी और सुरक्षा-संवेदनशील कार्यों में बढ़ती आउटसोर्सिंग के विरोध में रेल कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। आउटसोर्सिंग के खिलाफ रेल कर्मचारियों की सबसे बड़ी यूनियन ने गुरुवार को देश की राजधानी में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया है जिसमें तीन हजार से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे।

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) द्वारा 8 अक्टूबर को कर्नल सिंह रेलवे स्टेडियम में इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमें आउटसोर्सिंग के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

सम्मेलन में नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (एनआरएमयू) के 3,000 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। एआईआरएफ ने कहा कि सम्मेलन में एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने बुधवार को एआईआरएफ मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण और नई तकनीक के इस्तेमाल का वह विरोधी नहीं है लेकिन ट्रैक और सिग्नल अनुरक्षण, लोको शेड, कार्यशाला, कोचिंग डिपो और रोलिंग स्टॉक जैसे सुरक्षा-संवेदनशील कार्यों को लगातार ठेके पर दिए जाने से वह चिंतित है।

मिश्रा ने बताया कि एआईआरएफ ने रेलवे बोर्ड से किसी भी कार्य को आउटसोर्स करने से पहले पांच बिंदुओं पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है। इनमें स्वीकृत रिक्त रेलवे पदों को भरना, उपलब्ध कर्मचारियों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना, आउटसोर्सिंग के संभावित सुरक्षा प्रभाव का आकलन, विभागीय और आउटसोर्स व्यवस्था की वास्तविक लागत की तुलना तथा किसी भी निर्णय से पहले मान्यता प्राप्त रेलवे फेडरेशनों से परामर्श शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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