भारत इनोवेट्स 2026 के तहत बेंगलुरु में डीप-टेक स्टार्टअप्स का निवेशक शोकेस आयोजित
नई दिल्ली, 21 मई (हि.स.)। शिक्षा मंत्रालय ने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत आयोजित होने वाले ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम की तैयारियों के क्रम में बेंगलुरु में डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए निवेशक शोकेस आयोजित किया। 19 मई को आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 24 उभरते डीप-टेक स्टार्टअप्स ने भारतीय और वैश्विक निवेशकों के समक्ष अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम को भारत इनोवेट्स 2026 के निवेशक मंच को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। भारत इनोवेट्स 2026 का प्रमुख आयोजन 14 से 16 जून तक फ्रांस के नीस शहर में होगा।
कार्यक्रम में 90 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया, जिनकी वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधन क्षमता 85 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बताई गई। इसमें पीक एक्सवी पार्टनर्स, एक्सेल, बेसेमर वेंचर पार्टनर्स, बर्टेल्समैन इंडिया इन्वेस्टमेंट्स, अवाना कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स, कलारी कैपिटल, चिराटे वेंचर्स, 360 वन एसेट, एवेन्डस कैपिटल, बी कैपिटल, आविष्कार कैपिटल, सोनी इनोवेशन फंड और ओमनीवोर सहित कई प्रमुख निवेशक संस्थाएं शामिल रहीं।
उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव सौम्या गुप्ता ने कहा कि भारत इनोवेट्स पहल की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 फरवरी को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के उद्घाटन अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति की उपस्थिति में की थी। उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर दीर्घकालिक निवेश और साझेदारी से जोड़ने के लिए एक संरचित मंच प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम में अंतरिक्ष एवं प्रक्षेपण प्रणाली, इलेक्ट्रिक एविएशन, रक्षा एवं प्रोपल्शन, सेमीकंडक्टर, 5जी/6जी, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, पुनर्योजी चिकित्सा, महिला स्वास्थ्य, एग्री-बायोटेक, स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, जल एवं समुद्री रोबोटिक्स तथा डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने प्रस्तुति दी। प्रत्येक स्टार्टअप को 10 मिनट की प्रस्तुति और निवेशकों के साथ पांच मिनट की बातचीत का अवसर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान कई निवेशकों ने स्टार्टअप्स के साथ आगे चर्चा और संभावित निवेश में रुचि दिखाई। मंत्रालय के अनुसार भारत में इनोवेट्स 2026 के तहत ऐसे कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य भारतीय अनुसंधान आधारित डीप-टेक कंपनियों को वैश्विक बाजारों, निवेशकों और उद्योग जगत से जोड़ना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

