बजट में शिक्षा को बड़ी प्राथमिकता, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप का प्रस्ताव: धर्मेंद्र प्रधान

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बजट में शिक्षा को बड़ी प्राथमिकता, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप का प्रस्ताव: धर्मेंद्र प्रधान


नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि और वित्त मंत्री के कुशल वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है, जो ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के लिए बढ़े हुए आवंटन पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए आभार प्रकट किया।

प्रधान ने बताया कि इस बार शिक्षा क्षेत्र का बजट पिछली तुलना में बढ़ाया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां शिक्षा के लिए 1 लाख 28 हजार 650 करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं बजट 2026-27 में इसे बढ़ाकर 1 लाख 39 हजार 289 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो करीब 8.27 प्रतिशत की वृद्धि है। यह बढ़ोतरी सरकार की शिक्षा को लेकर प्राथमिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। सेक्टरल वाइस एनालिसिस में शिक्षा बजट को छठा प्रमुख स्थान मिला है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में लड़कियों की एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा में भागीदारी और दक्षता विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने राज्यों के सहयोग से देश के प्रत्येक जिले में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह महिला सशक्तीकरण और महिला शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। उच्च शिक्षा के एसटीईएम संस्थानों में पढ़ाई और लैब कार्य के लंबे समय के चलते छात्राओं को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उन्हें ध्यान में रखते हुए वीजीएफ/कैपिटल सपोर्ट के माध्यम से यह व्यवस्था की जाएगी।

प्रधान ने बताया कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकारों को चैलेंज रूट के तहत प्रतिस्पर्धा करनी होगी और निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा। इसी क्रम में बजट में प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन टाउनशिप्स में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, शोध संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय परिसरों के साथ रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप का एक समग्र इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बजट में ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति के गठन का भी प्रस्ताव है, जो सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख इंजन बनाने के लिए सुझाव देगी। इसके अलावा, पूर्वी भारत में नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना और खगोल भौतिकी एवं खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चार टेलीस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास का भी प्रावधान किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 शिक्षा, नवाचार, महिला सशक्तीकरण और रोजगारोन्मुख विकास के जरिए भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने वाला बजट है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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