पीएम गतिशक्ति योजना के तहत तीन वर्षों में 300 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत, 13,808 कि.मी. नेटवर्क का विस्तार

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पीएम गतिशक्ति योजना के तहत तीन वर्षों में 300 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत, 13,808 कि.मी. नेटवर्क का विस्तार


नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत पिछले तीन वर्षों में रेलवे अवसंरचना के क्षेत्र में बड़ा विस्तार किया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच कुल 300 रेलवे परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, जिनकी कुल लंबाई 13,808 किलोमीटर है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि इन परियोजनाओं में 51 नई लाइनें, 17 गेज परिवर्तन और 232 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं देश के सीमावर्ती क्षेत्रों, छोटे शहरों और बंदरगाहों तक फैली हुई हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से देश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन व औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना को अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य विभिन्न अवसंरचना क्षेत्रों जैसे रेलवे, सड़क, बंदरगाह, दूरसंचार और पाइपलाइन के बीच समन्वय स्थापित करना है। इस योजना के तहत परियोजनाओं की योजना, स्वीकृति और क्रियान्वयन में तेजी आई है।

रेल मंत्री ने बताया कि परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, सर्वेक्षण और रूट निर्धारण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लागत में कमी और गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन के लिए फंडिंग में वृद्धि, फील्ड स्तर पर अधिकारों का विकेंद्रीकरण, और राज्य सरकारों के साथ भूमि अधिग्रहण व पर्यावरणीय मंजूरियों के लिए नियमित समन्वय जैसे कदम उठाए हैं। रेलवे परियोजनाओं की स्वीकृति कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें यातायात अनुमान, आर्थिक व्यवहार्यता, कनेक्टिविटी, और सामाजिक-आर्थिक लाभ शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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