नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल में सेंधमारी के दो आरोपित बंगाल बॉर्डर से गिरफ्तार
अजमेर, 23 जून (हि.स.)। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजनाओं में कथित धोखाधड़ी के मामले में अजमेर की सिविल लाइंस थाना पुलिस ने पश्चिम बंगाल से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) पर फर्जी जानकारी अपलोड कर लाखों रुपये की छात्रवृत्ति राशि धोखाधड़ी से प्राप्त की।
जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा क्षेत्र निवासी तबिबार रहमान (25) और शाहनमाज शामिल हैं। दोनों आरोपितों को बांग्लादेश सीमा से सटे काजीगच्छ और चकलागच्छ गांवों से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अजमेर लाया गया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 85 विभिन्न कंपनियों के मोबाइल सिम कार्ड, दो लैपटॉप, दो प्रिंटर, सात फिंगर प्रिंट क्लोन, एक फिंगर प्रिंट मशीन, सात एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन, बैंक पासबुक सहित अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं।
एसपी अग्रवाला ने बताया कि मामले की रिपोर्ट 02 जून 2025 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान करीब 30 शिक्षण संस्थानों से जुड़े आवेदनों में गलत जानकारी देकर छात्रवृत्ति राशि प्राप्त की गई, जिससे सरकारी राजकोष को नुकसान पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी शंभू सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क तक पहुंची और आरोपितों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए संस्थानों के कोड और स्कूलों की जानकारी इंटरनेट से जुटाई। इसके बाद फर्जी मोबाइल सिम के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर छात्रवृत्ति आवेदनों का सत्यापन कराया और राशि प्राप्त की।
पुलिस के अनुसार आरोपितों के पास से मिले डिजिटल उपकरणों, लगभग 2100 बैंक खातों के विवरण, करीब 2000 आधार कार्ड की प्रतियों तथा लगभग 1500 स्टांप दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामले में अन्य आरोपितों और संभावित नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। प्रकरण में गहन अनुसंधान जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

