दिल्ली में रविवार को 'टेली-लॉ' राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन, उपराष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि

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दिल्ली में रविवार को 'टेली-लॉ' राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन, उपराष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि


नई दिल्ली, 28 मार्च (हि.स.)। विधि एवं न्याय मंत्रालय रविवार को विज्ञान भवन में टेली-लॉ पहल के तहत एक भव्य राष्ट्रीय परामर्श का आयोजन करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से कानूनी सेवाओं को सुदृढ़ करना और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है।

मंत्रालय के मुताबिक इस राष्ट्रीय परामर्श के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल के साथ अन्य गणमान्य जन मौजूद रहेंगे।

यह परामर्श 'दिशा' योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल सशक्तीकरण के कई नए आयाम पेश किए जाएंगे। इस दौरान 'न्याय सेतु' नामक एआई-पावर्ड चैटबॉट और इसके मैस्कॉट का अनावरण होगा। यह नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों को समझने और विवाद समाधान तंत्र तक पहुंचने में एक डिजिटल पुल के रूप में मदद करेगा। वर्ष 2025-26 के लिए एक विशेष पुस्तिका लाभार्थियों की आवाज पुस्तिका 2025-26 का लोकार्पण किया जाएगा, जिसमें टेली-लॉ सेवाओं से लाभान्वित हुए लोगों की प्रेरक कहानियां संकलित हैं। दिल्ली राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) के सहयोग से विकसित कॉमिक पुस्तकों की शृंखला जारी की जाएगी, जो युवाओं और ग्रामीण आबादी के लिए जटिल कानूनी अवधारणाओं को सरल बनाएगी। राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्थानीय कलाकारों द्वारा एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी।

परामर्श के दौरान देशभर के टेली-लॉ पैनल वकीलों और ग्राम स्तरीय उद्यमियों के साथ लाइव बातचीत की जाएगी। साथ ही दिल्ली के प्रमुख विधि महाविद्यालयों द्वारा दी जा रही नि:शुल्क कानूनी सेवाओं पर भी एक विशेष खंड आयोजित होगा। विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के सुझावों पर आधारित एक श्वेत पत्र भी प्रकाशित किया जाएगा, जो भविष्य की कानूनी नीतियों के लिए रोडमैप तैयार करेगा।

इस आयोजन में उच्चतम न्यायालय ई-कमेटी नालसा, बार एसोसिएशन के सदस्यों और विधि संस्थानों के छात्रों सहित लगभग 1200 प्रतिभागी भौतिक रूप से शामिल होंगे जबकि देशभर से हजारों हितधारक ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। यह राष्ट्रीय परामर्श न्याय व्यवस्था में व्याप्त असमानता को दूर करने और प्रौद्योगिकी के माध्यम से 'सबके लिए न्याय' के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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