बहरीन और यूएई में अमेरिकी सैन्य उद्योगों से जुड़ी फैक्ट्रियों पर ईरान का हमला

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बहरीन और यूएई में अमेरिकी सैन्य उद्योगों से जुड़ी फैक्ट्रियों पर ईरान का हमला


तेहरान, 29 मार्च (हि.स.)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने फारस की खाड़ी स्थित संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन में अमेरिकी सैन्य और एयरोस्पेस उद्योगों से जुड़ी दो औद्योगिक फैक्ट्रियों को निशाना बनाया। आईआरजीसी के अनुसार यह कार्रवाई अमेरिका-इजराइला की ओर से किए गए हमले के जवाब में किया गया है जिसमें मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

ईरान की अर्ध सरकारी समाचार संस्था तसनीम न्यूज एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि उसकी सेनाओं ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन में अमेरिकी सैन्य और एयरोस्पेस उद्योगों से जुड़ी दो औद्योगिक फैक्ट्रियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि फ़ारस की खाड़ी के दक्षिणी तटीय राज्यों के औद्योगिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के अमेरिका और इजराइल के दुर्भावनापूर्ण कार्यों के बाद आईआरजीसी एयरोस्पेस फ़ोर्स और नौसेना के लड़ाकों ने एक हाइब्रिड और लक्षित अभियान चलाया। उन्होंने इस क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य और एयरोस्पेस उद्योगों से जुड़ी दो फैक्ट्रियों-यूएई में एमिरेट्स एल्युमीनियम (ईमाल) फैक्ट्री और बहरीन में एल्युमीनियम बहरीन (अल्बा) फैक्ट्री को निशाना बनाया है।

ईमाल फैक्ट्री में दुनिया की सबसे लंबी एल्युमीनियम उत्पादन लाइन है, जिसकी उत्पादन क्षमता 1.3 मिलियन टन है। वहीं, अल्बा एल्युमीनियम फैक्ट्री में अमेरिकी कंपनियों का निवेश और हिस्सेदारी है जाे अमेरिका के सैन्य उद्योगों के लिए सामान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त रुप से हमला किया था। इसमें ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई, साथ ही कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की माैत हाे गई थी। इन हमलों से ईरान काे भारी जानमाल का नुकसान हुआ और बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची।

इसके जवाब में, ईरानी ने कार्रवाई करते हुए खाड़ी देश में माैजूद अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाता आ रहा है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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