(लीड) पश्चिम एशिया जंग का तीसरा दिन : खामेनेई की पत्नी का निधन, ईरान के पलटवार से खाड़ी में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर
तेहरान/वॉशिंगटन/दोहा, 03 मार्च (हि.स.)। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध तीसरे दिन और तेज हो गया है। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के दो दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोजास्ते बघेरजादेह का भी निधन हो गया। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, हालिया संयुक्त अमेरिकी-इजराइली हमलों में घायल हुईं मंसूरेह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इस बीच स्पेन ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने स्पष्ट किया कि स्पेनिश बेस इस ऑपरेशन का हिस्सा नहीं हैं। फैसले के बाद रोटा और मोरॉन एयरबेस से 15 अमेरिकी विमान रवाना हो गए।
खाड़ी में ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों पर हमले
ईरान ने बहरीन, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कम से कम छह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। तुर्किये की सरकारी एजेंसी अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों और आधिकारिक बयानों के हवाले से कहा गया है कि हमलों में कई सैन्य संरचनाओं और संचार तंत्र को नुकसान पहुंचा। कुवैत में एक हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई थी, जबकि बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने चौथे सैनिक के भी दम तोड़ने की जानकारी दी।
दूसरी ओर, कतर ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान के दो लड़ाकू विमान मार गिराए और सात बैलिस्टिक मिसाइलों व पांच ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। इसी बीच कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी ने रास लफ्फान और मेसाईद औद्योगिक शहरों में एलएनजी उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है।
ट्रंप का ‘बिग वेव’ संकेत, ब्रिटेन से नाराजगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ “सबसे बड़ा हमला अभी बाकी है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अभी अपनी पूरी ताकत नहीं झोंकी है और आने वाले दिनों में कार्रवाई तेज हो सकती है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से भी ट्रंप की नाराजगी सामने आई है। दरअसल, हिंद महासागर स्थित ब्रिटिश सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया के इस्तेमाल की अनुमति 48 घंटे बाद दी गई, जिसे लेकर वॉशिंगटन असंतुष्ट बताया जा रहा है।
पेंटागन में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सख्त संदेश देते हुए कहा, “हमने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान की कोई तय समय-सीमा नहीं है और अंतिम निर्णय राष्ट्रपति के हाथ में है।
खाड़ी देशों में हमले, कतर का दावा
कतर ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान के दो फाइटर जेट मार गिराए और सात बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। वहीं ईरान ने बहरीन, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित छह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा है कि ईरान की ओर से मिसाइलों की नई खेप दागी गई, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने रोका। वहीं कतर एनर्जी ने रास लफ्फान और मेसाईद इंडस्ट्रियल सिटी में एलएनजी उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है।
वैश्विक कूटनीति तेज, चीन और स्पेन का रुख
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के समर्थन की बात दोहराते हुए अपने समकक्ष अब्बास अराघची से बातचीत में कहा कि बीजिंग तेहरान की संप्रभुता की रक्षा का समर्थन करता है और अमेरिका-इजराइल से सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील करता है।
स्पेन ने भी स्पष्ट किया है कि वह ईरान पर हमलों के लिए अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल नहीं होने देगा। विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस के बयान के बाद रोटा और मोरॉन एयरबेस से 15 अमेरिकी विमान रवाना हो गए।
फ्रांस का परमाणु संकेत, इस्फहान में धमाके
फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मैक्रों ने 1992 के बाद पहली बार देश के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की है।
वहीं, ईरान के इस्फहान स्थित परमाणु ठिकाने के पास धमाकों की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इलाके में तेज विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
बढ़ता मानवीय संकट
रिपोर्टों के मुताबिक, अब तक ईरान में 555 लोगों की मौत और 700 से अधिक के घायल होने की खबर है। शुरुआती 30 घंटों में हजारों बम गिराए जाने का दावा किया गया है।
तेजी से फैलते इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। जहां एक ओर सैन्य हमले तेज हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वैश्विक शक्तियां कूटनीतिक समाधान की कोशिशों में जुटी हैं। हालात फिलहाल और गंभीर होने के संकेत दे रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

