अमेरिका में विश्व हिन्दी दिवस एवं प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित

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अमेरिका में विश्व हिन्दी दिवस एवं प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित


सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका), 11 जनवरी (हि.स.)। सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) के आईसीसी हॉल, मिलपिटस एरिया में, विश्व हिन्दी दिवस एवं प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर शनिवार को एक भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

आयोजन में हिस्सा लेते हुए सैन फ्रांसिस्को से गुवाहाटी निवासी जाने-माने समाजसेवी डॉ. प्रेमकांत चौधरी ने रविवार काे हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि इस गरिमामय समारोह में प्रवासी भारतीय समुदाय के लगभग 16 संस्थाओं ने संयुक्त सहभागिता करते हुए हिन्दी भाषा, भारतीय संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित मनोहारी प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के महावाणिज्यदूत, सैन फ्रांसिस्को के डॉ. के. क्रिकर रेड्डी एवं उप-महावाणिज्यदूत राकेश अदलखा द्वारा यूपीएमए के अध्यक्ष रितेश टंडन के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत विभिन्न राज्यों तथा प्रवासी भारतीय संगठनों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभागार को भारतीय संस्कृति के गौरवपूर्ण रंगों से आलोकित कर दिया।

इस अवसर पर डॉ. के. क्रिकर रेड्डी ने शुद्ध हिन्दी में संबोधन करते हुए भारतीय वाणिज्यदूतावास द्वारा प्रवासी भारतीयों के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विश्व स्तर पर हिन्दी के प्रचार-प्रसार में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो अत्यंत उत्साहजनक है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया। तत्पश्चात उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को औपचारिक भेंट एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मिथिला सांस्कृतिक समन्वय समिति के मुख्य सलाहकार, बिहार फाउंडेशन गुवाहाटी चैप्टर के सचिव तथा रोटरी क्लब ऑफ गुवाहाटी वेस्ट के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में क्लब एम्बेसडर डॉ. प्रेम कांत चौधरी ने अतिथियों को मिथिला पेंटिंग युक्त दोपट्टा भेंट कर तथा बिहार फाउंडेशन एवं रोटरी क्लब की ओर से असमिया फूलम गामोछा से सम्मानित किया। उन्होंने असम और बिहार की सांस्कृतिक एकता को रेखांकित किया तथा विश्व हिन्दी दिवस और प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर एक भावपूर्ण कविता का पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने तालियों के साथ सराहा।

बिहार फाउंडेशन वेस्ट कोस्ट (कैलिफ़ोर्निया अमेरिका) के चेयरमैन आरके सिन्हा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए हिन्दी को भारतीय पहचान और सांस्कृतिक एकता की सशक्त धूरी बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने विदेश में रहते हुए भी हिन्दी भाषा और भारतीय मूल्यों को जीवंत बनाए रखा है।

कार्यक्रम में प्रस्तुत कविताएं, गीत एवं नृत्य प्रस्तुतियां हिन्दी की सृजनात्मक शक्ति और भारतीय संस्कृति की विविधता का सजीव प्रमाण रहीं।

समारोह में अनेक साहित्यप्रेमी, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कारों और सभ्यता की सशक्त वाहक है, जो विश्व पटल पर भारत की पहचान को और अधिक सुदृढ़ करती है।

कार्यक्रम का समापन हिन्दी के प्रचार-प्रसार तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार

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