तेल की बढ़ती कीमतों से अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना

WhatsApp Channel Join Now

मॉस्को, 14 सितंबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड बेन्सेल ने कहा है कि तेल की ऊंची कीमतों के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

रिया नोवोस्ती के साथ बातचीत में बेन्सेल ने कहा, तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल या उससे ऊपर हैं और थोड़ी गिरावट के बावजूद इनके ऊंचे बने रहने की संभावना है, इसलिए फेडरल रिजर्व शायद ब्याज दरें बढ़ाएगा। यूराेपीय यूनियन और जापान द्वारा हाल ही में की गई बढ़ोतरी से फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना और भी बढ़ गई है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि कच्चे तेल की बहुत अधिक कीमतों का असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और जिन चीज़ों को फिजिकली ट्रांसपोर्ट करना पड़ता है, उन सभी पर महंगाई का दबाव बढ़ेगा।

उन्होंने समझाया, एक बार जब अर्थव्यवस्था खुदरा कीमतें बढ़ाकर इन दबावों के हिसाब से ढल जाती है, तो कच्चे तेल की कीमत कम होने पर भी उन्हें नीचे लाना मुश्किल होगा। फेडरल रिजर्व को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में इस बात को शामिल करना चाहिए।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण महंगाई का दबाव बने रहने का हवाला देते हुए यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने गुरुवार को अपनी तीन मुख्य ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की। अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले हफ्ते ब्याज दरों पर अपना फैसला लेने वाला है।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

Share this story