संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: हॉर्मुज संकट से 3 करोड़ लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं

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न्यूयॉर्क, 23 अप्रैल (हि.स.)। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से जुड़े मौजूदा संकट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे 03 करोड़ से अधिक लोग गरीबी में धकेले जा सकते हैं। यूएन का कहना है कि भले ही ईरान से जुड़ा संघर्ष तत्काल समाप्त हो जाए, इसके आर्थिक प्रभाव लंबे समय तक बने रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी अलेक्जेंडर डी क्रू ने बताया कि इस संकट के चलते वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 0.5% से 0.8% तक की गिरावट आ सकती है। इसका सबसे अधिक असर कमजोर और विकासशील देशों पर पड़ने की आशंका है, जहां पहले से ही आर्थिक दबाव बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा कीमतों में तेज वृद्धि और खाद्य असुरक्षा इस संकट के प्रमुख कारण हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से न केवल तेल, बल्कि बड़ी मात्रा में उर्वरक भी गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा से कृषि उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। वर्तमान समय कई देशों में बुवाई का होता है। यदि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध नहीं हुआ तो सितंबर से नवंबर के बीच फसल उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। इससे खाद्य संकट गहराने और कीमतों में और बढ़ोतरी होने की आशंका है।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान, बढ़ती लागत और आर्थिक अनिश्चितता मिलकर एक व्यापक मानवीय संकट को जन्म दे सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और त्वरित कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि कमजोर वर्गों को इस संभावित संकट से बचाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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