जेलेंस्की की यूक्रेन में स्टारलिंक बहाल करने की मांग पूरी होने पर संशय
ओस्लो (नार्वे)/वाशिंगटन (अमेरिका), 21 अक्टूबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की की यूक्रेन में 48 घंटों के भीतर स्टारलिंक बहाल करने की मांग पूरी होने पर संशय है। हालांकि, जेलेंस्की ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत के बाद यूक्रेन में स्टारलिंक सेवा 48 घंटों के भीतर बहाल होने की संभावना जताई है। इस बीच दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने यूक्रेन में स्पेसएक्स सैटेलाइट नेटवर्क तक पहुंच को सीमित करने का फैसला किया है।
दरअसल, 14 अक्टूबर को यूक्रेन के सेरही स्टर्नेन्को ने कहा था कि यूक्रेन में स्टारलिंक सेवाओं को सीमित कर दिया गया है।ओस्लो में मंगलवार को जेलेंस्की ने कहा, हमने सुबह-सुबह ओस्लो जाते समय ट्रेन में विदेशमंत्री रुबियो से बातचीत की। हमने कनेक्शन, स्टारलिंक, इंटरसेप्टर और खुफिया जानकारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की। हमने तय किया कि शायद 48 घंटों में हमारे पास फिर से कनेक्शन आ जाएगा।
पॉलिटिको ने इसी माह रिपोर्ट दी कि वाशिंगटन, कीव को अमेरिकी खुफिया डेटा और स्टारलिंक तक पहुंच से वंचित कर सकता है। यह रिपोर्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जेलेंस्की की आलोचना करने के कुछ समय बाद आई। ट्रंप ने तर्क दिया कि जेलेंस्की ने पूरी दुनिया के लिए समस्याएं पैदा कर दी हैं। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को एक ऐसे नए नेता की जरूरत है जो रूस के साथ समझौता कर सके।
सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि मस्क ने यूक्रेन की स्पेसएक्स सैटेलाइट नेटवर्क तक पहुंच को सीमित करने का फैसला किया है। इस सर्विस का इस्तेमाल यूक्रेन में ड्रोन ऑपरेशंस, कुछ खास लक्ष्यों को निशाना बनाने और जगहों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि इस आदेश से पहले मस्क ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बार बातचीत की। मस्क इस बात से नाखुश हैं कि उनकी कंपनी को रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से मुनाफा कमाने वाली कंपनी के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यह साफ नहीं है कि सर्विस को सीमित करने के मस्क के आदेश को कैसे लागू किया गया।
मस्क अमेरिकी सरकार को स्पेसएक्स की 'स्टारशील्ड' तकनीक का लाइसेंस देते हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि अमेरिका ही तय करता है कि इस तकनीक का इस्तेमाल कौन कर सकता है और उन उपयोगकर्ताओं को किस स्तर की सर्विस मिलेगी। मस्क ने एक्स पर लिखा, स्पीड या इस्तेमाल पर कोई भी पाबंदी अमेरिकी सेना और अंततः अमेरिकी राष्ट्रपति तय करते हैं।
इस बीच मस्क ने टिप्पणी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया। इस पर टिप्पणी के लिए व्हाइट हाउस और पेंटागन से भी संपर्क किया है। मस्क के इस आदेश के बारे में सबसे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट दी थी। ट्रंप प्रशासन के कुछ अधिकारियों के लिए ये अस्थायी पाबंदियां चौंकाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि न तो ट्रंप और न ही पेंटागन ने जानबूझकर ड्रोन ऑपरेशंस और युद्धक्षेत्र के संचार को बाधित करने के लिए कोई पाबंदी लगाने का आदेश दिया है।
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि सर्विस को धीमा करने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि यह किसने किया, लेकिन मैं इसका पता लगाना चाहता हूं। युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने मंगलवार को कहा कि पेंटागन ने इस सर्विस के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है। उन्होंने कहा, हमने कोई सुविधा वापस नहीं ली है। सेवा की कुछ शर्तें हैं जिनका पालन करना जरूरी है। इन शर्तों के दायरे में स्टारलिंक के पास अपने फैसले लेने का विकल्प है, लेकिन हमारी तरफ से कुछ भी नहीं बदला है। हमने कोई नया निर्देश या ऐसा कुछ भी जारी नहीं किया है।
स्टारशील्ड क्या है?
स्टारशील्ड एक मिलिट्री-ग्रेड (सैन्य स्तर का) सैटेलाइट नेटवर्क है। इसे स्पेसएक्स ने अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों के लिए बनाया है। यह स्टारलिंक की तकनीक पर ही काम करता है। अमेरिकी सरकार स्टारशील्ड के इस्तेमाल के लिए भुगतान करती है और वही तय करती है कि इस तकनीक का इस्तेमाल कौन कर सकता है। इसका उपयोग केवल यूक्रेन और उसके कब्जे वाले इलाकों तक ही सीमित रखा गया है। यह रूस में उपलब्ध नहीं है।
स्टारशील्ड यूक्रेन के सशस्त्र बलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सैनिकों को आपस में बातचीत करने और हमले करने में मदद करता है। इसके जरिए वे लंबी दूरी तक ड्रोन के साथ संपर्क बनाए रख सकते हैं। स्टारलिंक का कोई व्यावहारिक विकल्प मौजूद नहीं है। इसने पृथ्वी की निचली कक्षा में सैटेलाइट्स का एक बहुत बड़ा नेटवर्क स्थापित किया है और कोई भी अन्य कंपनी इसके आसपास भी नहीं है।
यूक्रेन में क्या हुआ?
यूक्रेनी अधिकारियों और सैनिकों ने बताया कि मंगलवार देररात से उन्हें स्टारशील्ड उपकरणों के साथ अचानक दिक्कतें आने लगीं। इंटरनेट की गति को सीमित कर दिया गया, जिससे तेज रफ़्तार वाले ड्रोन के जरिए मिशन को अंजाम देना मुश्किल हो गया। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि स्पेसएक्स ने एकतरफा तरीके से स्टारशील्ड पर ये पाबंदियां लगाई हैं।
सामान्य स्टारलिंक टर्मिनलों पर 70 किलोमीटर/घंटा की स्पीड लिमिट होती है। इसका मतलब है कि चलते हुए वाहन में इंटरनेट का इस्तेमाल केवल इसी गति तक किया जा सकता है। अगर गति इससे ज्याद होती है, तो इंटरनेट की गुणवत्ता खराब हो जाती है और वह काम करना बंद कर देता है।
स्टारशील्ड में ऐसी कोई कृत्रिम स्पीड लिमिट नहीं है और यह कम से कम 160 किलोमीटर/घंटा की गति पर भी काम कर सकता है। स्टारशील्ड से लैस स्ट्राइक ड्रोन 160 किलोमीटर/घंटा या उससे अधिक की गति से चलते हैं और ये यूक्रेन के मध्यम दूरी वाले हमलों का मुख्य आधार हैं।
यूक्रेनी इकाइयों ने बताया कि 90 किलोमीटर/घंटा जैसी कम रफ्तार पर ड्रोन काम करने लायक नहीं रह गए। यूक्रेनी सशस्त्र बलों के ड्रोन पायलट और विश्लेषक डिमको झ्लुक्टेंको के विश्लेषण के अनुसार, 'स्टारशील्ड' की कार्यक्षमता कम होने से यूक्रेन को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ है।
जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि कुछ सीमाओं (स्पीड लिमिट) के कारण यूक्रेन 'शहेद' हमलावर ड्रोनों को मार गिराने के लिए 'स्टारशील्ड' का इस्तेमाल नहीं कर पाया। इन पाबंदियों के सामने आने के बाद अमेरिकी सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। पिछले हफ्ते, दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सीनेटरों के एक समूह ने रक्षा विभाग के आंतरिक निगरानी निकाय से इस मामले की जांच करने को कहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

