मदुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला पर अमेरिका का अगला कदम, तेल उद्योग में मजबूत दखल के संकेत

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वॉशिंगटन, 03 जनवरी (हि.स.)। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने देश के भविष्य और तेल उद्योग को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस पूरे ऑपरेशन के बाद अमेरिका वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में “बहुत मजबूती से” शामिल होगा। फॉक्स न्यूज को दिए गए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी और सक्षम तेल कंपनियां हैं, जो अब वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएंगी।

सैन्य अभियान का विवरण

ट्रंप ने बताया कि मदुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए विशेष सैन्य अभियान में किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई, हालांकि कुछ जवान घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से पहले चार दिन तक बेहतर मौसम का इंतजार किया गया। अभियान के दौरान एक हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई विमान नष्ट नहीं हुआ और सभी सैनिक सुरक्षित लौट आए।

न्यूयॉर्क ले जाए जा रहे मदुरो

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि निकोलस मदुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी नौसेना के जहाज यूएसएस इवो जिमा पर रखा गया है और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है। इससे पहले अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने जानकारी दी थी कि मदुरो दंपती के खिलाफ न्यूयॉर्क में आपराधिक आरोप तय किए गए हैं और उन्हें अमेरिकी अदालतों में मुकदमे का सामना करना होगा।

रियल टाइम में देखा ऑपरेशन

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो में सैन्य जनरलों के साथ इस जटिल अभियान को रियल टाइम में देखा। उनके अनुसार, विशेष बलों ने मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्टील के दरवाजों को तोड़ते हुए कुछ ही सेकंड में मदुरो को हिरासत में ले लिया। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सेना की अद्वितीय क्षमता का उदाहरण बताया।

वेनेजुएला की आगे की व्यवस्था पर विचार

वेनेजुएला में आगे की शासन व्यवस्था को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल विकल्पों पर विचार कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता जिससे मदुरो जैसी नीतियां फिर दोहराई जाएं। ट्रंप के अनुसार, वेनेजुएला की जनता इस कार्रवाई से संतुष्ट है और वह तानाशाही शासन से मुक्ति चाहती है।

यह घटनाक्रम न केवल वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक ऊर्जा संतुलन पर भी गहरा असर डाल सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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