ट्रंप ने ईरान समझौते को बताया ऐतिहासिक, लेबनान पर इजराइल को दी नसीहत

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एवियन (फ्रांस), 17 जून (हि.स.)। जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकार वार्ता में ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते को अपनी बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह समझौता अमेरिका के सभी प्रमुख उद्देश्यों को पूरा करता है और उससे भी आगे जाता है।

ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मेजबान देश का सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यदि कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता तो क्षेत्र में लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती थी। उनके अनुसार, समझौते के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियां बढ़ी हैं और क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद मजबूत हुई है।

उन्होंने दावा किया कि कई विश्व नेताओं ने इस पहल की सराहना की है और जी-7 सम्मेलन के दौरान समझौते से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। ट्रंप ने पूर्व ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए इसे क्षेत्रीय घटनाक्रमों की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

लेबनान पर इजराइल को संयम बरतने की सलाह

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि लेबनान को लेकर अमेरिका और इजराइल के बीच कुछ मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संयम दिखाना होगा। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ होने वाला समझौता व्यापक क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया की शुरुआत साबित हो सकता है।

यूक्रेन संकट पर भी चर्चा

रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर ट्रंप ने बताया कि उनकी बातचीत यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों से हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष समाधान चाहते हैं और उन्हें उम्मीद है कि आगे किसी सकारात्मक दिशा में प्रगति हो सकती है।

ऊर्जा, प्रवासन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर जोर

ट्रंप ने कहा कि जी-7 देशों के बीच अवैध प्रवासन, मादक पदार्थों की तस्करी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक सहमति देखने को मिली। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी शक्ति बताते हुए कहा कि इसके उपयोग में सतर्कता बरतना भी उतना ही जरूरी है।

यूरोप को दी सलाह

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोप के सामने मौजूद ऊर्जा और प्रवासन संबंधी चुनौतियों का जिक्र करते हुए आशा व्यक्त की कि यूरोपीय देश इन समस्याओं का प्रभावी समाधान निकालेंगे। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ हुई बैठक को भी सकारात्मक और उपयोगी बताया।

रूस और चीन का भी किया उल्लेख

ट्रंप ने रूस और चीन का नाम लेते हुए कहा कि मध्य पूर्व के मौजूदा घटनाक्रमों के दौरान दोनों देशों ने ऐसी कोई भूमिका नहीं निभाई जिससे हालात और जटिल हों। उनके अनुसार, इससे कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर जल्द हो सकते हैं, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और स्थिरता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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