पोप लियो पर ट्रम्प की टिप्पणी से बढ़ा विवाद, इटली ने किया बचाव
रोम/वॉशिंगटन, 05 मई (हि.स.)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान युद्ध को लेकर पोप लियो पर की गई आलोचनात्मक टिप्पणी के बाद कूटनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। ट्रम्प के बयान पर इटली ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पोप के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है।
एक रेडियो इंटरव्यू में ट्रम्प ने आरोप लगाया कि पोप के बयान कैथोलिक समुदाय के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पोप कथित तौर पर ईरान के परमाणु हथियारों के मुद्दे पर नरम रुख अपना रहे हैं। हालांकि पोप लियो ने कभी भी ईरान के परमाणु हथियार रखने के पक्ष में बयान नहीं दिया है। वे लगातार युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के खिलाफ बोलते रहे हैं और संवाद के जरिए समाधान की वकालत करते रहे हैं।
ट्रम्प के इस बयान के बाद एंटोनियो तजानी ने बिना नाम लिए कहा कि “पवित्र पिता पर इस तरह के हमले न तो स्वीकार्य हैं और न ही शांति के प्रयासों के लिए मददगार।” उन्होंने पोप के हर कदम और संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण संवाद, मानव जीवन और स्वतंत्रता के मूल्यों पर आधारित है।
वेटिकन की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन ने कहा कि पोप पहले ही इस मुद्दे पर अपनी बात स्पष्ट कर चुके हैं और उनका उद्देश्य केवल शांति का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि पोप अपने दायित्व के अनुसार कार्य कर रहे हैं, जिसमें शांति और संवाद को बढ़ावा देना शामिल है।
उल्लेखनीय है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज हो रहे हैं। इसी बीच वेटिकन में पोप लियो और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की संभावित मुलाकात भी प्रस्तावित है, जिससे इस मुद्दे पर आगे की दिशा तय हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

