नागरिकता और भूमि स्वामित्व की मांग को लेकर काठमांडू में धरना पर बैठे सुस्ता के निवासी

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नागरिकता और भूमि स्वामित्व की मांग को लेकर काठमांडू में धरना पर बैठे सुस्ता के निवासी


काठमांडू, 30 जून (हि.स.)। नेपाल-भारत की सीमा पर रहे सुस्ता के निवासी सीमा से जुड़े मुद्दों और सुरक्षाकर्मियों द्वारा कथित तौर पर पैदा की जा रही दिक्कतों को लेकर अपनी चिंताएं जताने और नागरिकता प्रमाणपत्र व भूमि स्वामित्व के दस्तावेजों की मांग करने काठमांडू में धरना पर बैठे हैं।

सुस्तावासियो का यह समूह सीमा मुद्दे को लेकर हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा की गई सार्वजनिक टिप्पणियों और उसके बाद एक मंत्री के बयानों के बाद संघीय राजधानी पहुंचा है। इन घटनाक्रमों के तुरंत बाद, निवासियों का कहना है कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में बढ़ती कठिनाइयों और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए काठमांडू आने पर मजबूर कर दिया।

धरना प्रदर्शन के आयोजकों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा बलों ने सुस्ता क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, जिससे उनकी आवाजाही और बुनियादी सेवाओं तक पहुंच प्रभावित हुई है।

उनका दावा है कि लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवादों के कारण कई परिवार उचित नागरिकता दस्तावेजों और अपनी जमीन के कानूनी स्वामित्व से वंचित रह गए हैं।

सस्ता निवासियों ने घोषणा की है कि वे आज से काठमांडू के माइतीघर मंडला में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, जिनमें नागरिकता प्रमाणपत्रों का तत्काल वितरण और कानूनी दस्तावेजों के माध्यम से भूमि स्वामित्व को आधिकारिक मान्यता देना शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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