रूस का दावा, यूक्रेन ने किया सैन्य मालवाहक विमान पर हमला, 65 यूक्रेनी युद्धबंदी समेत 74 की मौत

रूस का दावा, यूक्रेन ने किया सैन्य मालवाहक विमान पर हमला, 65 यूक्रेनी युद्धबंदी समेत 74 की मौत


रूस का दावा, यूक्रेन ने किया सैन्य मालवाहक विमान पर हमला, 65 यूक्रेनी युद्धबंदी समेत 74 की मौत


मॉस्को, 24 जनवरी (हि.स.)। रूस ने दावा किया है कि उसके सैन्य मालवाहक विमान पर यूक्रेन ने हमला कर गिरा दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यूक्रेन पर उसके सैन्य मालवाहक विमान को मार गिराने का आरोप लगाते हुए बताया कि विमान में सवार 65 यूक्रेनियाई युद्धबंदियों सहित 74 लोगों की मौत हो गई है। यूक्रेन के अधिकारियों ने रूस के बेलगोरोड सीमा क्षेत्र में दुर्घटना के बारे में रूस के दावों की तुरंत पुष्टि या खंडन नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे इस पर गौर कर रहे हैं।

पिछले 700 दिन से चल रहे युद्ध में बुधवार को यह बड़ा हादसा सामने आया है। सोशल मीडिया पर साझा की गई दुर्घटना की तस्वीरों में दिख रहा है कि बर्फ से ढके एक ग्रामीण इलाके में विमान गिरा और उसमें आग लग गई। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विमान में 65 युद्धबंदियों के अलावा चालक दल के छह सदस्य और तीन अन्य लोग सवार थे। बयान के अनुसार, रूसी राडार ने बेलगोरोड की सीमा से लगे यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र से दो यूक्रेनी मिसाइलों के प्रक्षेपण को दर्ज किया। मंत्रालय ने हमले को आतंकवादी कृत्य करार दिया है लेकिन यूक्रेन के हमले को लेकर कोई सबूत साझा नहीं किया है।

सरकारी समाचार एजेंसी तास ने एक स्थानीय आपातकालीन सेवा अधिकारी के हवाले से बताया कि अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और पुलिस बेलगोरोड के कोरोचान्स्की जिले में दुर्घटनास्थल पर पहुंची। रूसी सेना ने कहा कि युद्धबंदियों को कैदियों की अदला-बदली के लिए इस क्षेत्र में ले जाया जा रहा था, तभी स्थानीय समयानुसार सुबह 11:15 बजे (भारतीय समयानुसार अपराह्न एक बजकर 45 मिनट पर) विमान को गिरा दिया गया।

यूक्रेनियाई सैन्य खुफिया के प्रवक्ता एंड्री युसोव ने मीडिया में पुष्टि की कि कैदियों की अदला-बदली बुधवार को होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि एजेंसी जांच कर रही है कि विमान में यूक्रेनियाई युद्धबंदी थे या नहीं।

बयान में कहा गया है कि विमान मॉस्को क्षेत्र के चाकलोव्स्की हवाई क्षेत्र से बेलगोरोड क्षेत्र की ओर जा रहा था, और युद्धबंदियों की अदला-बदली रूस-यूक्रेन सीमा के कोलोटिलोव्का क्रॉसिंग पर होने वाली थी। यह क्रॉसिंग विमान गिरने के स्थान याब्लोनोवो गांव से लगभग 135 किमी (85 मील) पश्चिम में है। रूसी अधिकारियों और सांसदों ने घटना पर नाराजगी व्यक्त की और सवाल किया कि क्या आगे कैदियों की अदला-बदली होनी चाहिए। कैदियों की हालिया अदाल-बदली संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता में इस महीने हुआ था और अब तक का सबसे बड़ा था। इसमें 230 यूक्रेनियाई युद्धबंदियों को 248 रूसी बंदियों के बदले में छोड़ा गया था। युद्ध शुरू होने के बाद लगभग पांच महीनों में यह पहला और 49वां कैदियों की अदला-बदली थी।

यूक्रेन का खार्किव क्षेत्र और रूस का बेलगोरोड क्षेत्र लंबे समय से लड़ाई का केंद्र रहे हैं। इन इलाकों में विशेष रूप से मिसाइलों और ड्रोन से हवाई हमले होते रहे हैं। दुर्घटना से कुछ समय पहले बेलगोरोड के गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लैदकोव ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा था कि क्षेत्र में मिसाइल अलर्ट लागू है और निवासियों को सुरक्षित आश्रय लेने की चेतावनी दी जाती है।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं और एक विशेष सैन्य आयोग दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हुआ है। मंत्रालय ने बताया कि विमान में युद्धबंदियों के अलावा चालक दल के छह सदस्य और तीन अन्य सवार थे।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बुधवार सुबह संवाददाताओं से कहा कि वह दुर्घटना पर टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है।

रूसी सैन्य निर्यात एजेंसी ने बताया कि विमान को सैनिकों, सामान, सैन्य उपकरणों और हथियारों को ढोने के लिए डिजाइन किया गया है और यह 225 सैनिकों को ले जा सकता है। इससे पहले बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा था कि एक बड़े रूसी मिसाइल हमले में 18 लोग मारे गए और 130 अन्य घायल हुए हैं। उनका दावा है कि इस हमले को यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को प्रभावित करने के लिए अंजाम दिया गया। जेलेंस्की ने देर रात मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा, इस साल मुख्य प्राथमिकता हमारे शहरों और कस्बों की सुरक्षा के साथ-साथ अग्रिम मोर्चे को मजबूत करने के लिए वायु रक्षा को मजबूत करना है।

इस बीच, जर्मनी के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने सैन्य जखीरे से छह सी किंग एमके41 बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर यूक्रेन भेजने की योजना बना रहा है। सरकार ने कहा कि युद्ध की शुरुआत के बाद से जर्मनी ने छह अरब यूरो (6.52 अरब अमेरिकी डॉलर) की सैन्य आपूर्ति की है जिनमें विमान-रोधी और वायु रक्षा प्रणालियां शामिल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत तिवारी/आकाश

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