रूस-यूक्रेन तनाव के बीच लिथुआनिया में घुसे अज्ञात ड्रोन को नाटो ने किया ढेर
विलनियस, 15 सितंबर (हि.स.)। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान बाल्टिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच लिथुआनिया के वायुक्षेत्र में घुसे एक अज्ञात ड्रोन को नाटो के लड़ाकू विमानों ने मार गिराया। लिथुआनिया के राष्ट्रपति गितानास नौसेदा ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी और नाटो की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
रूसी टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे और तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक, नौसेदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि नाटो के फाइटर जेट्स ने लिथुआनिया के वायुक्षेत्र में दाखिल हुए ड्रोन को नष्ट कर दिया। उन्होंने नाटो कर्मियों को उनकी “तेज कार्रवाई” के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि रूस की यूक्रेन के खिलाफ जारी आक्रामकता के बीच क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इस तरह की तैयारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपने नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर लिथुआनिया अपने वायुक्षेत्र की रक्षा करेगा।
लिथुआनिया के नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट सेंटर के प्रमुख विल्मंतस विटकाउस्कस के मुताबिक, अज्ञात यूएवी आधी रात के ठीक बाद लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ। करीब 30 मिनट बाद इसे राजधानी विलनियस के पश्चिम में स्थित प्रातकुनाई गांव के पास एक ग्रामीण इलाके में नाटो के लड़ाकू विमानों ने मार गिराया।
विटकाउस्कस ने बताया कि घटना की जांच के लिए टीमें मौके पर भेजी गई हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन किस प्रकार का था, उसकी क्षमताएं क्या थीं और उसका उद्देश्य क्या था। लिथुआनियाई मीडिया के अनुसार, यह लिथुआनिया के ऊपर मार गिराया गया पहला ड्रोन है।
लिथुआनिया बाल्टिक क्षेत्र का नाटो सदस्य देश है और उसकी सीमा रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र से लगती है। कलिनिनग्राद रूस का मुख्य भू-भाग नहीं है, बल्कि बाल्टिक सागर के किनारे स्थित उसका अलग क्षेत्र है, जो लिथुआनिया और पोलैंड के बीच स्थित है। इस रणनीतिक स्थिति के कारण बाल्टिक देशों में रूसी सैन्य गतिविधियों और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई है।
इस साल यूक्रेन के कई ड्रोन कथित तौर पर भटककर बाल्टिक देशों के हवाई क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। यूक्रेन ने कुछ घटनाओं के लिए रूस की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सिग्नल जामिंग गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है। रूस पर नाटो देशों के हवाई क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों का आरोप भी लगाया गया है, हालांकि मॉस्को ने इन आरोपों को खारिज किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

