नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन की तोड़फोड़ ने रूस, यूरोप के बीच के भरोसे को तोड़ दिया: रूस

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मास्को, 08 नवंबर (हि.स./रिया नाेवाेस्ती)। रूस ने आज कहा कि यूराेप काे गैस आपूर्ति करने वाली नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन की पानी के भीतर हुई तोड़फोड़ ने मास्को और यूरोप के बीच ऊर्जा और कूटनीतिक भरोसे को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है।

पाइपलाइन के कमिशनिंग की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर रूसी विदेश मंत्रालय में यूरोपीय मामलों के विभाग के निदेशक व्लादीस्लाव मास्लेन्निकोव ने इस पाइपलाइन का उल्लेख किया और बताया कि ये किस प्रकार से एक समय में पारस्परिक रूप से लाभप्रद और रचनात्मक आर्थिक सहयोग का प्रतीक थी और अब इसे पूर्व-पश्चिम संबंधों के युग में आए बदलाव के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।

मास्लेन्निकोव ने दावा किया कि सस्ती रूसी प्राकृतिक गैस यूरोपीय संघ की आर्थिक समृद्धि के प्राथमिक चालकों में से एक थी। उन्हाेंने कहा कि महाद्वीपीय स्थिरता लंबे समय से इन स्थिर ऊर्जा गलियारों पर निर्भर रही है।

इस दरार की जड़ें एक दशक पहले बनाई गई रणनीतिक और आर्थिक वास्तुकला में निहित हैं।

नवंबर 2011 में शुरू की गई नॉर्ड स्ट्रीम 1 प्रणाली ने रूस के वाइबोर्ग से जर्मनी के ग्रीफ्सवाल्ड तक बाल्टिक सागर के नीचे एक सीधा, उच्च-क्षमता वाला ऊर्जा गलियारे ने पूर्वी यूरोप के पारंपरिक भूमि-पारगमन मार्गों का एक प्रभावी विकल्प तैयार कर दिया था। जबकि जर्मनी ने इस उद्यम का बचाव एक विशुद्ध रूप से व्यावसायिक आवश्यकता के रूप में किया, इस परियोजना को अमेरिका और पोलैंड और यूक्रेन जैसे पूर्वी यूरोपीय देशाें के कड़े भू-राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि यह रूस पर रणनीतिक निर्भरता को मजबूत करेगा।

करीब चार साल पहले 26-27 सितंबर, 2022 को डेनमार्क के बोर्नहोम द्वीप के पास पानी के नीचे हुए सिलसिलेवार भीषण विस्फोटों ने नॉर्ड स्ट्रीम 1 और 2 के चार में से तीन पाइपलाइन स्ट्रिंग्स को नष्ट कर दिया, जिससे इतिहास में मीथेन का सबसे बड़ा रिसाव हुआ और प्रत्यक्ष रूसी गैस आयात की मुख्य धमनी कट गई।

उन बाल्टिक सागर विस्फोटों के चार साल पूरे होने पर रूस ने अंतरराष्ट्रीय जांच में बाधा डालने और इसके बाद की कानूनी जांच को एक उपहास में बदलने के लिए पश्चिमी देशों की कड़ी आलोचना की है।

राजनयिक ने दावा किया कि जर्मनी, डेनमार्क और स्वीडन ने रूसी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने से व्यवस्थित रूप से इनकार कर दिया और कानूनी प्रक्रियाओं को खींचा, जिससे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय जांच प्रभावी रूप से अवरुद्ध हो गई।

यह तनाव राष्ट्रीय जांच के अलग-अलग रास्तों से और बढ़ गया था। 2024 की शुरुआत तक स्वीडन और डेनमार्क दोनों ने औपचारिक दोष तय किए बिना अपनी-अपनी प्रारंभिक जांच बंद कर दी- स्वीडन ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में स्थानीय क्षेत्राधिकार के आधार की कमी का हवाला दिया और डेनमार्क ने आपराधिक आरोपों के लिए अपर्याप्त आधार का हवाला दिया।

केवल जर्मनी ने अपनी न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, जिसका ध्यान एक छोटे सामरिक सेल पर केंद्रित था जिसने समुद्र तल पर समयबद्ध विस्फोटक लगाने के लिए एंड्रोमेडा नामक एक किराए की नाविक नौका का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था। स्वतंत्र यूक्रेनी जांचकर्ताओं पर जर्मनी के ध्यान और उसके बाद के गिरफ्तारी वारंट को एक असफल विमर्श के रूप को खारिज करते हुए, मास्लेन्निकोव ने कहा कि यूरोपीय अधिकारियों ने इस हमले के पीछे के असली मास्टरमाइंड और साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए काेई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई, जबकि यूरोपीय आयोग इस मामले पर पूरी तरह चुप रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

Livevns.news Desk
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