ब्रिटेन के नए प्रतिबंधों के बावजूद विदेशी परमाणु परियोजनाएं जारी रखेगा रोसाटॉम

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मॉस्को/अल्माटी, 26 फरवरी (हि.स.)। रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने कहा है कि ब्रिटेन अपनी विदेशी परमाणु ऊर्जा जारी करने वाली कंपनी के अलावा नए संयंत्रों की तैनाती करेगा और वह अपनी अंतरराष्ट्रीय देनदारियों को पूरा करेगा।

ब्रिटेन ने अपने ताजा प्रतिबंध पैकेज में रोसाटॉम की तीन सहायक कंपनियों को शामिल किया है, जो विदेशों में परमाणु संयंत्र परियोजनाओं से जुड़ी हैं। यूके सरकार का कहना है कि इन इकाइयों को इसलिए सूचीबद्ध किया गया क्योंकि वे विदेशों में रूसी परमाणु प्रतिष्ठानों के लिए नए अनुबंध हासिल करने में सक्रिय हैं, जिससे रूस को ऊर्जा क्षेत्र से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है। यह 2022 में यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई के बाद से ब्रिटेन का सबसे बड़ा प्रतिबंध पैकेज बताया जा रहा है।

हालांकि, रोसाटॉम स्वयं प्रत्यक्ष प्रतिबंधों के दायरे में नहीं है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह किसी भी एकतरफा प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानती है। कंपनी के अनुसार, शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के कदम वैश्विक सहयोग की नींव को कमजोर कर सकते हैं।

2024 तक रोसाटॉम के पास दुनिया में विदेशी परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं का सबसे बड़ा पोर्टफोलियो था, जिसमें 33 बड़े क्षमता वाले पावर यूनिट शामिल हैं। कंपनी तुर्की, मिस्र, चीन, बांग्लादेश, हंगरी और कजाखस्तान सहित कई देशों में परमाणु संयंत्रों का निर्माण कर रही है। कंपनी का दावा है कि वह वैश्विक स्तर पर परमाणु संयंत्र निर्माण में अग्रणी है और परमाणु ईंधन आपूर्ति क्षेत्र में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

कजाखस्तान परियोजना पर असर नहीं

जून 2025 में कजाखस्तान ने अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम का नेतृत्व रोसएटम को सौंपा था।

कजाखस्तान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ब्रिटेन के प्रतिबंधों का निर्माण कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। एजेंसी के अनुसार, उसका प्रतिबंधित संस्थाओं या व्यक्तियों के साथ कोई अनुबंध संबंध नहीं है और उन्हें उप-ठेकेदार के रूप में शामिल करने की योजना भी नहीं है।

एजेंसी ने कहा कि संयंत्र निर्माण का कार्य निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है और वह अन्य देशों की प्रतिबंध नीतियों की निगरानी करते हुए संभावित जोखिमों का आकलन कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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