नेपाल : काठमांडू में 'बेचैन' दिखे प्रधानमंत्री प्रचण्ड ने भरतपुर जाकर दिए गठबन्धन टूटने के संकेत



नेपाल, 29 फरवरी (हि.स.)। नेपाल के सत्तारूढ़ गठबन्धन में दो प्रमुख दलों के बीच विश्वास का संकट गहराता जा रहा है। सत्ता का नेतृत्व कर रहे माओवादी की एक बार फिर विपक्षी पार्टी से निकटता बढ़ती जा रही है, वहीं सरकार में सहभागी सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के साथ माओवादी की दूरी बढ़ती जा रही है।

आज सुबह ही प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करते हुए खुद में बेचैनी बढ़ने की बात कही। कांग्रेस पार्टी के तरफ से सरकार में सहभागी वित्त मंत्री प्रकाश शरण महत और स्वास्थ्य मंत्री मोहन बस्नेत की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि सरकार के कुछ मंत्रियों की अवस्था देख कर वो बहुत ही बेचैनी महसूस कर रहे हैं। काठमांडू में बेचैन महसूस करने वाले प्रचण्ड ने भरतपुर पहुंच कर स्वयं ही सत्ता गठबन्धन के टूटने का संकेत दे दिया है।

प्रधानमंत्री प्रचंड ने भरतपुर विमान स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन को ठीक से चलाने की पूरी कोशिश की। अभी भी प्रयास जारी है लेकिन जिस तेजी से परिस्थितियां बदल रही है उससे मुझे कुछ कठोर निर्णय करने पर मजबूर कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वो अभी भी चाहते हैं कि सत्तारूढ़ गठबंधन चलता रहे और कांग्रेस पार्टी के साथ मिल कर ही वो आगे बढ़ें लेकिन पिछले कुछ घटनाओं के कारण इस पर पुनर्विचार करने जा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष का पद कांग्रेस पार्टी को ही देने पर पूर्व में अपनी सहमति देने की बात भी स्वीकार की। साथ ही कहा कि परिस्थितियां अब बदल चुकी है। कांग्रेस के तरफ से राष्ट्रीय सभा के चुनाव में धोखा दिए जाने, महासमिति की बैठक में माओवादी के विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाने और अगले चुनाव में गठबंधन नहीं करने के निर्णय के बाद इस गठबंधन को लेकर पुनर्विचार करने का समय आ गया है।

इसी बीच खबर मिल रही है कि नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा ने प्रधानमंत्री प्रचंड को फोन कर मिलने के लिए समय मांगा तो प्रचंड ने बात करने तक से इंकार कर दिया। प्रधानमंत्री के सचिवालय के तरफ से देउवा को काठमांडू वापस आकर मिलने का संदेश दिया गया है। प्रचंड और विपक्षी नेता ओली के बीच की निकटता भी लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को भरतपुर में प्रधानमंत्री प्रचंड उस कार्यक्रम में सहभागी होने के लिए पहुंचे हैं जिसमें ओली को भी बुलाया गया है। आयोजकों ने कहा कि बुलाने के लिए तो देउवा को भी बुलाया गया है लेकिन उनके तरफ से सहभागी होने के लिए अभी तक कोई संदेश नहीं मिला है।

आज कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक में राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष के पद पर पूर्व में सहमति के मुताबिक अपनी ही पार्टी को मिलने का विश्वास जताया गया है। पार्टी बैठक के बाद महामंत्री विश्व प्रकाश शर्मा ने कहा कि पहले ही इस पर सहमति हो चुकी है, इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रचंड अपनी सहमति से पीछे नहीं हटेंगे। माओवादी के द्वारा अध्यक्ष पद नहीं छोड़ने के निर्णय पर कांग्रेस के महामंत्री ने कहा कि पार्टी के निर्णय को उन लोगों ने सामान्य रूप से लिया है। प्रचंड से बात करने के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास/प्रभात

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