अफगान तालिबान को पाकिस्तान की चेतावनी - आतंकवादियों को समर्थन बंद नहीं किया तो भुगतने होंगे परिणाम

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अफगान तालिबान को पाकिस्तान की चेतावनी - आतंकवादियों को समर्थन बंद नहीं किया तो भुगतने होंगे परिणाम


रावलपिंडी, 02 नवंबर (हि.स.)। पाकिस्तान की सेना ने अफगान तालिबान शासन को चेतावनी दी है कि यदि उसने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को समर्थन देना बंद नहीं किया, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने विदेशी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही।

लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने में भारत की भूमिका है और अफगान तालिबान शासन उसके प्रॉक्सी के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे संगठनों को भारत का प्रतिनिधि बताते हुए अफगान तालिबान पर उन्हें मदद पहुंचाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि अफगान तालिबान अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए गैर-राज्य तत्वों और भाड़े के लड़ाकों का इस्तेमाल कर रहा है। उनके मुताबिक, अफगानिस्तान में लंबे समय से विभिन्न खुफिया एजेंसियों और प्रॉक्सी समूहों का प्रभाव रहा है।

आईएसपीआर महानिदेशक ने अफगानिस्तान में जैश अल-अदल, अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया।

लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने आरोप लगाया कि अफगान तालिबान शासन ने टीटीपी प्रमुख नूर वली महसूद, बशीर ज़ेब और गुल बहादुर को पनाह दे रखी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठनों तक हथियार और अन्य जरूरी सामान पहुंचाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की मांग स्पष्ट है कि अफगान तालिबान अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दे और पाकिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठनों को किसी भी तरह का समर्थन देना बंद करे।

आईएसपीआर महानिदेशक ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान तालिबान पर दबाव बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अफगान शासन को जिम्मेदार तरीके से व्यवहार करना चाहिए, नशीले पदार्थों की खेती और उत्पादन पर रोक लगानी चाहिए तथा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के सशस्त्र बल अफगानिस्तान की ओर से आने वाले सभी संभावित खतरों, जिसमें ड्रोन हमले भी शामिल हैं, का मुकाबला करने में सक्षम हैं।

आईएसपीआर महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया और अफगान तालिबान ने अपनी नीति में बदलाव नहीं किया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

Livevns.news Desk
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