पाकिस्तान बना सकता है अमेरिका-ईरान वार्ता का मंच, शांति प्रयास तेज
इस्लामाबाद, 24 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की मेजबानी की पेशकश की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उनका देश “सार्थक और निर्णायक बातचीत” को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, ताकि क्षेत्र में जारी संघर्ष का समाधान निकाला जा सके।
सूत्रों के अनुसार, अगर दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो इस सप्ताह ही इस्लामाबाद में बातचीत शुरू हो सकती है। अमेरिकी पक्ष से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को संभावित मुख्य वार्ताकार के रूप में देखा जा रहा है, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ नेतृत्व कर सकते हैं। हालांकि, ईरान ने अभी तक औपचारिक रूप से किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता की पुष्टि नहीं की है और कुछ रिपोर्ट्स को “फेक न्यूज” बताया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि बातचीत के जरिए समाधान संभव है और “कई अहम मुद्दों पर सहमति” बन चुकी है। हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसे वाशिंगटन पर भरोसा नहीं है और वह पहले के वार्ताकारों को स्वीकार नहीं करेगा।
कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान, ओमान, तुर्की और मिस्र जैसे देश मध्यस्थता में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, मसूद पजशकियान और शरीफ के बीच हालिया बातचीत में तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति पर जोर दिया गया।
उल्लेखनीय हैकि होर्मुज स्ट्रेट पर जारी संकट और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ते असर ने इस वार्ता को और अधिक जरूरी बना दिया है। हालांकि, अभी तक न तो स्थान और न ही भागीदारी को लेकर कोई अंतिम सहमति बनी है, जिससे शांति प्रक्रिया अनिश्चित बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

